कोडरमा में बैंक लूट की बड़ी साजिश ध्वस्त.. पुलिस से भिड़े बदमाश, मुठभेड़ में एक को लगी गोली; तीन गिरफ्तार

कोडरमा। झारखण्ड के कोडरमा जिले में पुलिस ने बैंक लूट की एक बड़ी साजिश को ऐन वक्त पर नाकाम कर दिया। तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा इलाके में सोमवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की घेराबंदी देखकर भागने की कोशिश कर रहे बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गिरोह के एक सदस्य के पैर में गोली लगी, जबकि तीन अन्य अपराधियों को पुलिस ने दबोच लिया।
पुलिस को यह कार्रवाई हजारीबाग पुलिस से मिली गुप्त सूचना के आधार पर करनी पड़ी। सूचना थी कि कुछ अपराधी बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डकैती की साजिश को अंजाम देने के लिए इंदरवा इलाके में जुटे हैं। सूचना मिलते ही कोडरमा पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान सन्नी कुमार, अतुल कुमार और अमन राज को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। इसी बीच गिरोह का चौथा सदस्य प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा भागने लगा। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख उसने कथित तौर पर करीब पांच राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें प्रिंस के दाहिने पैर में गोली लग गई।
गोली लगने के बाद वह मौके पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। घायल प्रिंस पांडेय को तत्काल कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई है।
हथियारों का जखीरा बरामद, मोबाइल में मिली बैंक की रेकी
गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी में पुलिस को तीन अवैध पिस्तौल, पांच मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस बरामद हुए। लेकिन पुलिस के हाथ लगी सबसे अहम कड़ी उनके मोबाइल फोन से मिली।
मोबाइल की जांच में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें बरामद होने की बात सामने आई है। इससे पुलिस को आशंका है कि गिरोह बैंक की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की पहले से निगरानी कर रहा था और बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था।
पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ बैंक लूट की संभावित वारदात टली, बल्कि हथियारों से लैस एक गिरोह भी कानून के शिकंजे में आ गया। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों तथा पूर्व की आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

