धनबाद पुलिस और प्रिंस खान के गुर्गों में मुठभेड़, दो शूटर घायल; अंधेरे का फायदा उठाकर तीसरा फरार–

–लेवी वसूलने पहुंचे थे तीन अपराधी, पुलिस वाहन पर की फायरिंग; जवाबी कार्रवाई में दो के पैर में लगी गोली

धनबाद। झारखण्ड के धनबाद में फरार गैंगस्टर प्रिंस खान और उसके भाई गोपी खान के संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के दौरान जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के निरंकारी चौक के समीप पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध अपराधी रंगदारी वसूलने के इरादे से इलाके में पहुंचे थे। पुलिस को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद गश्ती दल ने संदिग्धों को रोकने की कोशिश की।

बताया जा रहा है कि पुलिस की मौजूदगी का एहसास होते ही अपराधियों ने पुलिस वाहन को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई गोलीबारी के बीच दो अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा।

घायल अपराधियों की पहचान पुटकी निवासी नजीर अंसारी (36) और वासेपुर निवासी इरफान अंसारी (35) के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस निगरानी में इलाज के लिए SNMMCH धनबाद में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अस्पताल में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

पुलिस को देखते ही शुरू कर दी फायरिंग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तीनों अपराधी बाइक से निरंकारी चौक के आसपास पहुंचे थे। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि इलाके में प्रिंस खान और गोपी खान के नेटवर्क से जुड़े लोग लेवी वसूलने के लिए आने वाले हैं।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई। जैसे ही संदिग्ध अपराधी पुलिस के सामने आए, उन्होंने कथित तौर पर पुलिस वाहन पर गोली चला दी। अचानक हुई फायरिंग से पुलिस टीम भी सतर्क हो गई और जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।इस कार्रवाई में नजीर अंसारी और इरफान अंसारी घायल हो गए। दोनों के पैर में गोली लगी। वहीं, तीसरा अपराधी अंधेरे और आसपास के इलाके का फायदा उठाकर भाग निकला।

घटनास्थल पर पहुंचे धनबाद के बड़े पुलिस अधिकारी
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी रित्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, मुख्यालय-1 डीएसपी कुमार विनोद समेत धनबाद और बरवाअड्डा थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची।अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल की घेराबंदी की गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया, ताकि फरार अपराधी को पकड़ा जा सके।

पुलिस टीम ने घटनास्थल से हथियार, मोबाइल फोन और बाइक बरामद किए हैं। बरामद सामान को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आए थे और तीनों अपराधियों का नेटवर्क किन-किन लोगों से जुड़ा हुआ है।

मोबाइल कॉल से खुल सकता है पूरा नेटवर्क
मुठभेड़ के बाद पुलिस की जांच में एक अहम जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए अपराधियों में से एक के मोबाइल फोन से गोपी खान से बातचीत होने के संकेत मिले हैं।यही कड़ी पुलिस के लिए जांच का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। पुलिस अब मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, संपर्कों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि अपराधियों को किसने भेजा था, किससे लेवी वसूलने का निर्देश मिला था और फरार अपराधी की पहचान क्या है।पुलिस फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

प्रिंस-गोपी के नेटवर्क पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
धनबाद पुलिस पिछले कुछ समय से प्रिंस खान और गोपी खान के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। मई 2026 में बरवाअड्डा पुलिस ने सोनू दर्जी उर्फ मंजूर आलम को हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, वह प्रिंस खान और गोपी खान के गिरोह से जुड़ा था और उसके पास से रिवॉल्वर, कट्टा तथा जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि गिरोह व्यवसायियों, बीसीसीएल ठेकेदारों, आउटसोर्सिंग कंपनियों और बड़े प्रतिष्ठानों के मालिकों से डराकर रंगदारी वसूलने में सक्रिय था।पुलिस की जांच में यह भी सामने आया था कि रंगदारी से प्राप्त रकम को जमीन के कारोबार में लगाने और गिरोह के लिए हथियार उपलब्ध कराने का नेटवर्क चल रहा था।

रंगदारी की रकम और जमीन कारोबार के कनेक्शन की भी जांच
प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के दौरान धनबाद पुलिस ने कथित तौर पर रंगदारी की रकम के जमीन कारोबार में निवेश किए जाने के एंगल की भी जांच की है। नवंबर 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया था जिन पर रंगदारी से मिले पैसों को जमीन के कारोबार में लगाने और रकम को हवाला/अन्य माध्यमों से बाहर भेजने का आरोप था। उस कार्रवाई में नकदी, हथियार, मोबाइल फोन और जमीन से संबंधित दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
एक अन्य रिपोर्ट में पुलिस की जांच के हवाले से प्रिंस खान की कथित नामी-बेनामी संपत्तियों और जमीन कारोबार से जुड़े नेटवर्क की भी जांच का उल्लेख किया गया था।

हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर भी पुलिस की नजर
पुलिस की पिछली कार्रवाई में यह बात भी सामने आई थी कि गिरोह के लिए हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। अप्रैल 2025 में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी जिस पर प्रिंस और गोपी खान के नेटवर्क को हथियार उपलब्ध कराने का आरोप था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरोह द्वारा धनबाद में बड़ी आपराधिक वारदात की योजना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इससे साफ है कि पुलिस केवल शूटरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि हथियार सप्लायर, फंडिंग, रंगदारी वसूली और जमीन कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

तीसरे अपराधी की तलाश में छापेमारी तेज
निरंकारी चौक की मुठभेड़ के बाद पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती मौके से फरार हुए तीसरे अपराधी को पकड़ना है। पुलिस आसपास के रास्तों, संभावित ठिकानों और संपर्क सूत्रों की जानकारी जुटा रही है।संभावना है कि घायल दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद फरार अपराधी की पहचान और उसके ठिकाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। साथ ही बरामद मोबाइल फोन की जांच से भी पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।

धनबाद में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी
निरंकारी चौक की यह मुठभेड़ ऐसे समय हुई है जब धनबाद पुलिस प्रिंस खान और गोपी खान से जुड़े नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कस रही है। पिछले मामलों में पुलिस ने हथियार बरामदगी, रंगदारी, शूटरों की गिरफ्तारी और कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच जैसे कई स्तरों पर कार्रवाई की है।अब ताजा मुठभेड़ में दो संदिग्ध शूटरों के घायल होने और एक के फरार होने के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि तीनों को किसने भेजा था, लेवी किससे वसूली जानी थी और फरार आरोपी समेत गिरोह के अन्य सदस्यों तक कैसे पहुंचा जाए।फिलहाल दोनों घायल आरोपी पुलिस की निगरानी में अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि फरार तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस की आगे की जांच और पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क को लेकर और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

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