घायल होकर भी डटे रहे कैप्टन स्मित मच्छार, पीएम मोदी से नेतन्याहू और ट्रंप तक ने सराहा साहस
–फ्लाईदुबई की उड़ान में संकट के बीच दिखाई अदम्य बहादुरी, 174 लोगों की जान बचाने में निभाई अहम भूमिका; हेमंत सोरेन ने भी की जल्द स्वस्थ होने की कामना
राँची/नई दिल्ली।फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में अचानक पैदा हुए बेहद गंभीर संकट के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया, उसकी देश-विदेश में व्यापक सराहना हो रही है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हालात का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्रियों और क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
घटना के दौरान कैप्टन मच्छार पर कथित तौर पर सह-पायलट ने चाकू से हमला किया था। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। संकट के बाद विमान का रुख तबूक की ओर किया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार, कैप्टन मच्छार को तबूक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। भारतीय मिशन उनके परिवार के संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय कर हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा- भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना करते हुए उन्हें “हीरो” बताया। पीएम मोदी ने कहा कि बेहद गंभीर खतरे और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। उन्होंने कैप्टन मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने, नई ताकत और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना भी की।
नेतन्याहू ने बताया- “सच्चे हीरो”
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की जमकर प्रशंसा की। नेतन्याहू ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हमलावर का विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इससे यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली और एक संभावित बड़ी हवाई त्रासदी टल गई।नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार को “सच्चा हीरो” बताते हुए उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई से विमान में मौजूद 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी की तारीफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना की और उन्हें “हीरो” बताया। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पायलट ने हमले का सामना किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद के लिए रास्ता बनाया।
हेमंत सोरेन ने कहा- साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन
झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस को नमन करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना जिस साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय कैप्टन मच्छार ने दिया, वह प्रेरणादायी है।उन्होंने कहा कि गंभीर परिस्थितियों में जिस जिम्मेदारी और बहादुरी के साथ कैप्टन मच्छार ने अपना कर्तव्य निभाया, वह देश के लिए गर्व की बात है।मरांग बुरु से कैप्टन स्मित माछर के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।
भारतीय दूतावास की नजर इलाज पर
रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने कैप्टन मच्छार की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने की जानकारी दी है। दूतावास के मुताबिक, कैप्टन मच्छार तबूक के अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपचार ले रहे हैं और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है। मिशन उनके परिवार के संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
एक पायलट की सूझबूझ ने बदल दिया संकट का अंजाम
फ्लाईदुबई FZ1073 में हुई घटना ने कुछ ही मिनटों में सामान्य हवाई यात्रा को गंभीर आपात स्थिति में बदल दिया था। ऐसे समय में कैप्टन मच्छार का घायल होने के बावजूद प्रतिक्रिया देना, कॉकपिट का दरवाजा खुलवाने में सक्षम होना और यात्रियों तथा क्रू को हस्तक्षेप का मौका मिलना घटना का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। बाद में विमान को तबूक में सुरक्षित उतारा गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई नेताओं ने उनके साहस की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। देशभर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं।

