झारखण्ड में कहर बनकर गिरी आसमानी बिजली, तीन लोगों की मौत; बच्चा घायल, मवेशी भी नहीं बचा
चतरा/लोहरदगा। गुरुवार को मौसम का मिजाज अचानक बदला और तेज आंधी-बारिश के बीच गिरी आसमानी बिजली कई परिवारों के लिए मातम का कारण बन गई। चतरा और लोहरदगा जिलों में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं एक किसान का बैल भी बिजली की चपेट में आकर मर गया।
चतरा में दो लोगों की दर्दनाक मौत
चतरा जिले के मयूरहंड थाना क्षेत्र में वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई। सेवाल करमा गांव निवासी 50 वर्षीय सहदेव ठाकुर जंगल में चर रही बकरियों को घर लाने गए थे। इसी दौरान तेज बारिश और गर्जन के बीच वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं महुगाई गांव में 44 वर्षीय सरोज देवी घर के बाहर रखे घरेलू सामान को सुरक्षित करने में जुटी थीं। अचानक गिरी बिजली ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनकी भी मौत हो गई। दो अलग-अलग गांवों में हुई इन मौतों के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लोहरदगा में बच्ची की मौत, बालक अस्पताल में भर्ती
उधर लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड स्थित बतरू गांव में भी वज्रपात ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गुरुवार दोपहर हुई घटना में 11 वर्षीय नीलम कुमारी गंभीर रूप से झुलस गई। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इस हादसे में 12 वर्षीय सूरज खेरवार भी घायल हुआ है। उसका इलाज लोहरदगा सदर अस्पताल में चल रहा है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
किसान को आर्थिक झटका, बैल की मौत
चतरा के करकरा गांव में भी वज्रपात की घटना हुई, जिसमें किसान विनोद यादव का एक बैल मर गया। किसान के अनुसार, इस घटना से उसे करीब 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
आंधी-तूफान से संपत्ति को भी नुकसान
तेज आंधी और बारिश का असर केवल जनजीवन तक सीमित नहीं रहा। मयूरहंड प्रखंड मुख्यालय के समीप कई महुआ के पेड़ धराशायी हो गए। वहीं उपरौंध इलाके में करकट शीट से बने एक नवनिर्मित भवन की पूरी छत तेज हवा में उड़ गई, जिससे संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन सतर्क, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

