राँची में बड़ा एक्शन: अवैध रूप से लिंग परीक्षण कर रहे रैकेट का भंडाफोड़, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ 3 गिरफ्तार
राँची।झारखण्ड की राजधानी राँची में अवैध रूप से भ्रूण का लिंग निर्धारण करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची,मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को पंडरा इलाके में गुप्त छापेमारी कर अवैध रूप से गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कर रहे तीन लोगों को मौके पर ही धर-दबोचा।टीम ने मौके से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड (USG) मशीन भी जब्त की है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ PC & PNDT एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के तहत रातु थाने में मामला दर्ज कराया गया है।
गली के अंदर चल रहा था अवैध खेल, रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन को पंडरा के रवि स्टील चौक से करीब 300 मीटर की दूरी पर, शराब दुकान के सामने वाली गली में एक अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की कड़ियों को जोड़ते हुए उपायुक्त के आदेश पर असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सिविल सर्जन) डॉ. प्रभात कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।जब टीम ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट स्मृति, रातु थाना पुलिस और PC & PNDT के कर्मियों के साथ मौके पर धावा बोला, तो वहाँ का नजारा देखकर दंग रह गए। आरोपी एक पोर्टेबल USG मशीन (Make: Micromaxx, Serial No. WK1DPQ) के जरिए गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कर रहे थे। टीम ने तीनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:
सुरंजन कुमार (पिता: युधेश्वर प्रसाद)
आकाश कुमार (पिता: रंभू साहू)
शीला कुमारी (पुत्री: महेन्द्र महतो)
राँची के सिविल सर्जन ने रातु थाना प्रभारी को पत्र लिखकर तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। अधिकारियों का कहना है कि बिना उचित पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन और लिंग निर्धारण करना कानूनन अपराध है। इस मामले में जब्त मशीन और अन्य संबंधित साक्ष्यों के साथ पूरे मामले को सीधे कोर्ट में पेश किया जाएगा ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके।
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को कमजोर करने वालों पर कड़ा प्रहार
इस बड़ी कार्रवाई पर बात करते हुए राँची के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की कठोर नीति के अनुरूप राज्य में किसी भी प्रकार के लिंग निर्धारण या अवैध अल्ट्रासाउंड प्रैक्टिस को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारे जनजातीय बहुल क्षेत्र में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को मजबूत करने के लिए ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों पर जिला प्रशासन की सख्त नजर है।इसके साथ ही सिविल सर्जन ने राँची के सभी चिकित्सकों, अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों और संबंधित व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि कोई भी PC & PNDT Act का उल्लंघन करते पाया गया, तो उसकी मशीन जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील: जागरूक बनें, तुरंत दें सूचना
राँची जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस सामाजिक बुराई को खत्म करने में प्रशासन का सहयोग करें। यदि किसी को भी अपने आस-पास किसी अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र या लिंग निर्धारण (भ्रूण परीक्षण) जैसी अवैध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना अपने निकटतम थाने या मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सिविल सर्जन) कार्यालय, राँची को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

