12 जून को खुलेगा बालू का खजाना:राँची,खूंटी और गुमला में होगी बड़ी नीलामी,निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार
राँची। झारखण्ड में बालू संकट से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद 12 जून को राँची, खूंटी और गुमला जिले के स्टॉकयार्डों में जमा हजारों सीएफटी बालू की नीलामी होने जा रही है। इस नीलामी के बाद बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे निर्माण कार्यों की रफ्तार तेज होगी और कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
झारखण्ड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसएमडीसीएल) ने 12 जून को पूर्वाह्न 11:30 बजे राँची स्थित निगम मुख्यालय में नीलामी की तिथि तय की है। नीलामी के जरिए स्टॉकयार्ड में जमा बालू को बाजार में उतारा जाएगा, जिससे आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।
पिछले कुछ महीनों से बालू की कमी के कारण मकान निर्माण, सरकारी योजनाओं और निजी परियोजनाओं पर असर पड़ रहा था। कई इलाकों में बालू की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ ठेकेदार और बिल्डर भी परेशान थे। ऐसे में इस नीलामी को बाजार के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
खनन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में बालू बाजार में आने से कीमतों में संतुलन बनेगा और अवैध कारोबार पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही, निर्माण सामग्री की उपलब्धता बढ़ने से छोटे-बड़े निर्माण कार्यों को नई गति मिलेगी।
निगम ने नीलामी में भाग लेने वाले इच्छुक आवेदकों से समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। अधिकारियों का दावा है कि पूरी नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
क्या होगा फायदा?
बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ेगी
कीमतों में स्थिरता आने की संभावना
निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार
अवैध खनन और कालाबाजारी पर लगाम
आम लोगों और बिल्डरों को होगा सीधा लाभ
12 जून की यह नीलामी राज्य के निर्माण क्षेत्र के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकती है, जिस पर ठेकेदारों, बिल्डरों और आम उपभोक्ताओं की नजर टिकी हुई है।

