सांसें आखिरी… उम्मीदें टूटीं: खरकई नदी से जिंदा निकाला गया किशोर, किनारे लाते ही थम गई जिंदगी की डोर

​जमशेदपुर। झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बागबेड़ा थाना क्षेत्र से एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ बड़ौदा घाट के पास शनिवार सुबह खरकई नदी में डूब रहे एक अज्ञात किशोर को स्थानीय लोगों ने अपनी तत्परता से बाहर तो निकाल लिया, लेकिन वे उसकी जिंदगी नहीं बचा सके। नदी के किनारे लाते ही किशोर की सांसें हमेशा के लिए थम गईं।​मृतक किशोर की उम्र लगभग 16 वर्ष के आसपास बताई जा रही है, जिसकी शिनाख्त फिलहाल नहीं हो सकी है।

​रोज की तरह शनिवार की सुबह कुछ स्थानीय लोग बड़ौदा घाट पर नदी में स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान लोगों की नजर पानी में तैरते (डूबते) हुए एक किशोर पर पड़ी। बिना एक पल गंवाए स्थानीय युवकों ने सूझबूझ दिखाई और नदी में छलांग लगा दी। युवक बेहद बहादुरी से किशोर को पानी से बाहर निकालकर सुरक्षित किनारे पर ले आए।घाट पर मौजूद लोगों ने बताया कि जब किशोर को नदी से बाहर निकाला गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं। उम्मीद जगी तो लोगों ने उसे बचाने के लिए तुरंत अपने स्तर पर प्राथमिक उपचार देना शुरू किया। हर संभव कोशिश की जा रही थी, लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ ही मिनटों के भीतर किशोर का शरीर शांत हो गया और उसने दम तोड़ दिया। जांबाजी दिखाने वाले लोगों की उम्मीदें पल भर में टूट गईं।​इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही बागबेड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

​चूंकि मृतक के पास से ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे उसकी पहचान हो सके, इसलिए पुलिस अब आस-पास के सभी थानों से संपर्क साध रही है। हाल के दिनों में लापता हुए बच्चों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि इस अभागे किशोर के परिवार का पता लगाया जा सके। इस घटना के बाद से बड़ौदा घाट पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

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