रामगढ़:झारखण्ड में जेईई मेंस परीक्षा से पहले बड़ा रैकेट पकड़ाया, राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कर्मचारी समेत 3 गिरफ्तार

 

रामगढ़।झारखण्ड के रामगढ़ जिले के राधा गोविंद विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर जेईई-मेंस 2026 से पहले बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने JEE Mains 2026 परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विश्वविद्यालय का एक टेक्नीशियन भी शामिल है।जांच में सामने आया कि दो से आठ अप्रैल तक चलने वाली इस परीक्षा में चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम बदले जा रहे थे। मौके से 70 मानिटर, तीन राउटर, एक सीपीयू, चार मोबाइल और एक वाहन जब्त किया गया है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की परीक्षा में सेटिंग कराने वाला एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जिसमें कई राज्यों के लोग शामिल हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल के बयान पर विश्वविद्यालय के कर्मचारी (टेक्नीशियन) दिनेश कुमार महतो (कोठार रामगढ़), दिनेश कुमार महतो (ओरमांझी, राँची), शाकिर अंसारी (आनंदी, ठुमरटोली) गिरफ्तार किए गए।

वहीं, रामगढ़ थाने में बिहार के सारण जिला अंतर्गत मकेर थाना क्षेत्र के भाथा गांव निवासी सूरज कुमार सिंह, सहित टाटा कंसलटेंसी सर्विस (टीसीएस) के कर्मचारी राजेश ठाकुर, रविशंकर व छपरा बिहार के काकू व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

एसपी अजय कुमार ने गिरोह में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी दल का गठन किया है। वहीं उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने तत्काल जांच कमेटी गठित कर इस पूरे गिरोह के नेटवर्क की रिपोर्ट मांगी है।

एसपी अजय कुमार ने पूरे मामले में बताया कि परीक्षा में चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास करने के लिए गिरोह ने मोटी रकम वसूली थी। हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन की सूझबूझ के कारण ही एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

विदित हो कि पिछले चार साल से जेईई-मेंस की परीक्षा राधा गोविंद विश्वविद्यालय के सी ब्लाक में बनाए गए कंप्यूटर लैब में टीसीएस द्वारा आयोजित की जाती है।

टीसीएस हर वर्ष परीक्षा से दो दिन पहले कंप्यूटर लैब के सारे सिस्टम को अपने आधीन में लेता था। इसी का फायदा उठाते हुए कंपनी का कर्मचारी ओरमांझी निवासी राजेश ठाकुर अपने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय परिसर में घुसा।

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