चतरा जिला स्थापना दिवस पर 121 झारखण्ड आंदोलनकारियों को किया गया सम्मानित
चतरा।झारखण्ड के चतरा जिला स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को डीएमएफटी भवन में जिला प्रशासन की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त रवि आनंद ने 121 झारखण्ड आंदोलनकारियों को शॉल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह में आंदोलनकारियों के सम्मान में तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा भवन गूंज उठा।
उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि 31 मई 1991 को चतरा जिला हजारीबाग से अलग होकर अस्तित्व में आया था। तब से जिला शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बाल कल्याण सहित कई क्षेत्रों में लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड आंदोलनकारियों ने अलग राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। दिशुम गुरु शिबू सोरेन ने महाजनी प्रथा के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए गरीब किसानों को उनका हक और अधिकार दिलाने का कार्य किया।उन्होंने कहा कि चतरा जन आंदोलन और जन चेतना की धरती रही है तथा जिले की ऐतिहासिक पहचान रही है। अलग झारखण्ड राज्य के निर्माण में जिले के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उपायुक्त ने दिवंगत आंदोलनकारियों को नमन करते हुए उनके आश्रितों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि जिले के विकास के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रयासरत है।मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक नैथानी, जिला परिषद अध्यक्ष ममता कुमारी, अपर समाहर्ता संतोष कुमार, एसडीओ जहूर आलम समेत कई अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सम्मान समारोह में आंदोलनकारी काफी भावुक और उत्साहित दिखे। सम्मान प्राप्त करने वाले सिमरिया के आंदोलनकारी इकरामुल हक ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाना गर्व का पल है, जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान काफी यातनाएं झेलनी पड़ी थीं, लेकिन आज सम्मान पाकर गर्व महसूस हो रहा है।वहीं चतरा डाढ़ा के नीरम भुइयां ने कहा कि जिला प्रशासन ने सम्मान देकर आंदोलनकारियों का मान-सम्मान बढ़ाया है।

