गुवा:सेल प्रबंधन के खिलाफ युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा..करीब 13 घंटे तक सड़क बाधित, 5 मई को अहम बैठक

 

चाईबासा/गुवा।झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के अंतर्गत गुवा सेल खदान क्षेत्र में सोमवार को स्थानीय युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा।क्षेत्र के 12 गांवों के मुंडा-मानकी के बैनर तले लगभग 500 बेरोजगार युवाओं ने बहाली की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया।सोमवार तड़के 4 बजे शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे क्षेत्र में इतना प्रभावी रहा कि मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे खदानों से लेकर आम आवाजाही तक पूरी तरह ठप हो गई।चक्का जाम की सूचना मिलते ही सेल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आंदोलनकारियों को समझाने और जाम समाप्त कराने के लिए कई दौर की वार्ता की गई, लेकिन स्थानीय युवा अपनी मांगों पर अड़े रहे, शुरुआती बातचीत में किसी ठोस परिणाम के न निकलने के कारण क्षेत्र में घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और प्रबंधन के प्रति युवाओं की नाराजगी बढ़ती रही।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर (मजिस्ट्रेट) विनोद कुमार ने कमान संभाली। उनकी अध्यक्षता में आंदोलन स्थल पर ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सेल के वरीय अधिकारियों और मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।लंबी जद्दोजहद के बाद यह सहमति बनी कि आगामी 5 मई को सेल के सीएसआर (CSR) क्षेत्र के सभी 18 गांवों के मुंडा-मानकी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की जाएगी, जिसमें बहाली और अन्य समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।

सेल प्रबंधन द्वारा आगामी बैठक के लिए लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ही आंदोलनकारी चक्का जाम खत्म करने को तैयार हुए।करीब साढ़े 12 घंटे तक चले इस भारी गतिरोध के बाद शाम 4:30 बजे आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका। इस दौरान किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार, गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार और सेल के एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।प्रबंधन के लिए अब 5 मई की बैठक साख का सवाल बन गई है।

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