सड़क हादसे में युवक की मौत, पत्नी रेफर; कैंप ड्यूटी से लौट रही एम्बुलेंस की महिला डॉक्टर ने त्वरित एक्शन लेकर बचाई महिला की जिंदगी

गिरिडीह। झारखण्ड के गिरिडीह जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। शनिवार को पंचंबा थाना क्षेत्र के पथला नावाडीह के पास एक खौफनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें बाइक चला रहे एक 35 वर्षीय युवक की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उसकी पत्नी लहूलुहान हालत में सड़क पर तड़पती रही। घटना के बाद जहां एक तरफ मौत का तांडव देखने को मिला, वहीं दूसरी तरफ एक महिला डॉक्टर की त्वरित सूझबूझ और देवदूत जैसी भूमिका ने घायल महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर इंसानियत की एक अनोखी मिसाल पेश की है। हादसे का शिकार हुआ यह दंपती डांडीडीह का निवासी था।

जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय सुनील पासवान अपनी 30 वर्षीय पत्नी बेजेंती देवी के साथ बाइक पर सवार होकर जमुआ स्थित एक डॉक्टर से इलाज कराने गए हुए थे। इलाज कराने के बाद दोनों दंपती वापस अपने घर लौट रहे थे। वे सुखद भविष्य की उम्मीद लिए बाइक से अपने गांव की तरफ बढ़ ही रहे थे कि तभी नियति को कुछ और ही मंजूर था। पंचंबा थाना क्षेत्र के पथला नावाडीह के पास अचानक उनकी तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित हो गई। रफ्तार का संतुलन बिगड़ते ही बाइक सड़क पर खिसकती चली गई और एक खौफनाक दुर्घटना का शिकार हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुनील पासवान और उनकी पत्नी बेजेंती देवी हवा में उछलकर दूर जा गिरे। हादसे के बाद दोनों पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान अवस्था में बीच सड़क पर बेसुध पड़े रहे, जहां उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।

​इसी बीच, जब सड़क पर मौत का सन्नाटा पसरा था, तभी वहां से एक एम्बुलेंस गुजरी जिसमें कैंप ड्यूटी समाप्त कर लौट रहीं डॉक्टर नेहा कुमारी सवार थीं। तड़पते हुए दंपती पर जैसे ही डॉक्टर नेहा कुमारी की नजर पड़ी, उन्होंने एक पल की भी देरी किए बिना तुरंत एम्बुलेंस रुकवा दी। अपनी ड्यूटी से इतर जाकर उन्होंने तुरंत दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाने का बड़ा निर्णय लिया। एम्बुलेंस कर्मियों की मुस्तैदी और डॉक्टर नेहा की मदद से दोनों लहूलुहान घायलों को तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर वहां तैनात चिकित्सकों ने जांच शुरू की, लेकिन बेहद अफसोस की बात रही कि डॉक्टरों ने जांच के बाद सुनील पासवान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनकी पत्नी बेजेंती देवी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया और फिर उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत धनबाद रेफर कर दिया, जहां वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।

​जैसे ही इस भयानक हादसे और सुनील पासवान की मौत की खबर उनके घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचे, जहां सुनील के बेजान शरीर को देखकर पूरा परिवार सदमे में डूब गया और अस्पताल परिसर में मातमी सन्नाटा पसर गया।

इस बेहद दुखद घड़ी के बीच स्थानीय लोगों ने डॉक्टर नेहा कुमारी तथा एम्बुलेंस कर्मियों की त्वरित मानवीय कार्रवाई की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि अगर डॉक्टर नेहा कुमारी समय पर फरिश्ता बनकर न पहुंचतीं और त्वरित फैसला न लेतीं, तो शायद गंभीर रूप से घायल महिला को समय पर उपचार नहीं मिल पाता और अनहोनी और बड़ी हो सकती थी। फिलहाल, घायल बेजेंती देवी का इलाज जारी है और पूरा डांडीडीह गांव इस हादसे से स्तब्ध है।

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