जहां रहते हैं बड़े-बड़े अफसर, वहीं चोरों का दुस्साहस…राँची के सेल सिटी में पूर्व सूचना आयुक्त के घर लाखों की चोरी

–20-25 लाख के जेवरात, डेढ़ से दो लाख नकद और लैपटॉप गायब; पूर्व एडीजी-डीआईजी के आवासों के बीच वारदात, CCTV में कैद संदिग्धों की गतिविधियां

राँची। राजधानी राँची में चोरों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। पुंदाग ओपी क्षेत्र के हाई-प्रोफाइल आवासीय परिसर सेल सिटी में झारखण्ड के पूर्व सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी के बंद घर को निशाना बनाकर चोर लाखों रुपये के जेवरात, नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। इस वारदात ने इसलिए भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि सेल सिटी में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आवास हैं। इसके बावजूद चोरों ने बंद घर में घुसकर इत्मीनान से तलाशी ली और कीमती सामान लेकर निकल गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर से करीब डेढ़ से दो लाख रुपये नकद, 20 से 25 लाख रुपये के जेवरात, एक लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी हुए हैं। चोरी की पूरी कीमत और नुकसान का अंतिम आकलन घर लौटने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

बंद घर को बनाया निशाना, ताला तोड़कर अंदर घुसे चोर
पूर्व सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी ने बताया कि वह सात अक्टूबर को अपने परिवार के साथ गांव गए थे। इस दौरान राँची स्थित उनका घर बंद था। घर की देखभाल करने और पौधों में पानी देने के लिए आने वाली महिला जब वहां पहुंची, तो उसकी नजर टूटे हुए ताले पर पड़ी। घर का ताला टूटा देखकर उसे अनहोनी की आशंका हुई। उसने तत्काल फोन कर इसकी सूचना परिवार को दी।परिवार की ओर से महिला को घर के अंदर जाकर स्थिति देखने के लिए कहा गया। अंदर पहुंचने पर घर में सामान बिखरा मिला और चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा हुआ। चोरों ने घर में घुसकर अलमारियों और अन्य सामान की तलाशी ली। इस दौरान केवल कीमती सामान ही नहीं, बल्कि घर के आसपास मौजूद कई चीजों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

नकदी-जेवरात के साथ लैपटॉप भी ले गए चोर
हिमांशु शेखर चौधरी के मुताबिक, घर से करीब डेढ़ से दो लाख रुपये नकद, लगभग 20 से 25 लाख रुपये मूल्य के जेवरात, एक लैपटॉप और अन्य कीमती सामान गायब हैं। इसके अलावा घर में सामान बिखरा पड़ा था। पौधों को नुकसान पहुंचाने के साथ गाड़ी और फेंसिंग भी टूटी हुई मिली।घर की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोरों ने अंदर काफी समय बिताया और कीमती सामान की तलाश में कई जगहों को खंगाला है।

CCTV में दिखे तीन नकाबपोश, पहचान की कोशिश
इस मामले में एक अहम सुराग CCTV फुटेज के रूप में सामने आया है। पूर्व सूचना आयुक्त के अनुसार, कैमरे में तीन संदिग्ध लोगों की गतिविधियां कैद हुई हैं। बताया जा रहा है कि तीनों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। ऐसे में उनकी पहचान करना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों और वारदात में उनकी संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि चोर घर में किस रास्ते से दाखिल हुए, कितनी देर तक अंदर रहे और चोरी के बाद किस दिशा में निकले। फुटेज की जांच से मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

पूर्व एडीजी और डीआईजी के आवासों के बीच वारदात
सेल सिटी जैसे चर्चित आवासीय परिसर में चोरी की घटना ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जाता है कि हिमांशु शेखर के घर के सामने पूर्व एडीजी आरके मलिक रहते हैं। वहीं, आसपास केपी देव के परिवार और पूर्व डीआईजी राजीव सिंह का आवास भी है।वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आवासों के बीच स्थित घर में इस तरह की वारदात होना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय है कि आखिर चोरों ने बंद घर को कैसे निशाना बनाया और उन्हें वारदात को अंजाम देने का मौका कैसे मिला। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में किसी विशेष चूक की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

राँची लौटने के बाद स्पष्ट होगी चोरी की पूरी तस्वीर
हिमांशु शेखर चौधरी ने बताया कि परिवार गांव से लौट रहा है। राँची पहुंचने के बाद घर में चोरी हुए सामान का विस्तृत आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल नकदी, जेवरात, लैपटॉप और अन्य सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। चोरी की वास्तविक कीमत, संदिग्धों की पहचान और वारदात में शामिल लोगों की संख्या की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र में भी रही है पहचान
हिमांशु शेखर चौधरी झारखण्ड के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में जाना-पहचाना नाम हैं। वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने झारखण्ड खाद्य आयोग के अध्यक्ष और राज्य सूचना आयुक्त के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है।ऐसे व्यक्ति के आवास में लाखों रुपये की चोरी की घटना सामने आने से मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। CCTV में कैद तीन संदिग्धों की पहचान होती है या नहीं और चोरी का सामान बरामद हो पाता है या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है सेल सिटी जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके में चोरों ने इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम दिया? इसका जवाब पुलिस जांच और CCTV फुटेज की पड़ताल से मिलने की उम्मीद है।

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