प्यार किया, शादी रचाई… तो जिंदा जला दिए राहुल-पूजा…अब 6 दोषियों को उम्रकैद

–20 लाख रुपये दहेज की मांग, प्रेम विवाह का विरोध और फिर प्रेमी जोड़े को जिंदा जलाने का खौफनाक मामला; अदालत ने सुनाई उम्रकैद, 3.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

हजारीबाग। प्यार किया, मंदिर में शादी रचाई और साथ जीने का सपना देखा, लेकिन यही प्रेम विवाह राहुल मेहता और पूजा यादव के लिए मौत की वजह बन गया। झारखण्ड के हजारीबाग जिले के इचाक में हुए इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।शुक्रवार को हजारीबाग व्यवहार न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार की अदालत ने राहुल और पूजा की हत्या के मामले में सभी छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषियों पर कुल 3 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माने की राशि दोनों मृतकों के परिजनों को देने का आदेश दिया गया है।सजा पाने वालों में मृतक राहुल के पिता ईश्वर प्रसाद मेहता, भाई बबलु मेहता, सहयोगी बोबी कुमार, विक्की कुमार, आशीष पांडे और सोनु कुमार सिन्हा शामिल हैं।सभी आरोपी सशरीर अदालत में पेश हुए थे।

प्रेम विवाह से शुरू हुआ विवाद, 20 लाख रुपये की मांग का आरोप

इस मामले की कहानी दिल्ली में शुरू हुई थी। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली पूजा यादव वर्ष 2014 से दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात हजारीबाग जिले के इचाक निवासी राहुल मेहता (33), पिता ईश्वर मेहता, से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हुआ और उन्होंने दिल्ली के एक मंदिर में शादी कर ली।लेकिन इस रिश्ते को राहुल के परिजनों की मंजूरी नहीं मिली। आरोप है कि शादी स्वीकार करने के बदले पूजा के पिता से 20 लाख रुपये दहेज की मांग की गई। राहुल पर पूजा को छोड़ने और शादी तोड़ने का दबाव बनाया गया। राहुल ने जब अपने प्रेम संबंध से पीछे हटने से इनकार कर दिया, तो विवाद और गहरा गया। आरोपों के मुताबिक, दोनों के साथ मारपीट की गई और उन्हें घर से निकाल दिया गया।

घर से निकले तो खुद बनाया आशियाना, फिर भी नहीं थमा विवाद
घर से निकाले जाने के बाद राहुल और पूजा इचाक बाजार में अपने चाचा के मकान में रहने लगे। दोनों ने वहां एक कोचिंग सेंटर भी शुरू किया और अपनी जिंदगी को नए सिरे से संवारने की कोशिश की। उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी और उनका रिश्ता स्वीकार कर लिया जाएगा।इसी बीच दोनों परिवारों की सहमति से 11 जुलाई 2024 को आजमगढ़ में रीति-रिवाज के साथ शादी और 12 जुलाई को विदाई की तारीख तय की गई थी। लेकिन आरोप है कि इस आयोजन की जानकारी मिलने के बाद राहुल के परिजनों ने फिर दहेज की मांग शुरू कर दी। इस तरह प्रेम विवाह को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार गंभीर होता चला गया।

मारपीट के बाद आग के हवाले करने का आरोप
मामले के अनुसार, 15-16 जून 2024 की रात राहुल और पूजा के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इसके बाद दोनों को अधमरी हालत में आग लगा दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई। प्रेम विवाह से शुरू हुआ विवाद आखिरकार दो लोगों की जान जाने की दर्दनाक घटना में बदल गया।

अदालत के फैसले से दोषियों को उम्रकैद
इस दोहरे हत्याकांड में सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार की अदालत ने सभी छह आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कुल 3.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और यह राशि दोनों मृतकों के परिजनों को देने का आदेश दिया।राहुल और पूजा ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया था, लेकिन उनका प्रेम विवाह हिंसक विवाद का शिकार बन गया। अब अदालत के फैसले के बाद इस मामले में दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है।

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