लातेहार में अफीम छापेमारी पर बवाल, महिला के आरोप और जांच में सामने आए अलग-अलग पहलू;थानेदार सहित दो सस्पेंड

 

लातेहार। झारखण्ड के लातेहार जिले में आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। महिला ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया था। वहीं, मामले की जांच में अफीम की अवैध बिक्री के खिलाफ छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मी के हाथ में दांत से काटने और अफीम का पैकेट छीनकर भागने की बात सामने आई है। हालांकि, छापेमारी के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने के आरोप में पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बरियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और आरक्षी मनीष कुमार राम को निलंबित कर दिया है।

महिला के आवेदन से शुरू हुई जांच

मामला बरियातू थाना क्षेत्र के बगनदी महुआ इलाके का है। आठ अक्टूबर को माल्हन टोला, हेरहंज थाना क्षेत्र की रहने वाली पुनिया देवी ने गांव की अन्य महिलाओं, ग्राम प्रधान और मुखिया के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन पुलिस कार्यालय में सौंपा था। आवेदन में आरोप लगाया गया कि पांच अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे बरियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, थाना मुंशी मनीष कुमार और निजी चालक चंद्रदेव ठाकुर सादे कपड़ों में पहुंचे थे। महिला ने आरोप लगाया कि अफीम के कारोबार का आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई।

जांच में अफीम की सूचना पर छापेमारी का दावा

शिकायत सामने आने के बाद बालूमाथ के एसडीपीओ उमेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में संयुक्त जांच टीम गठित की गई। जांच में प्राथमिक तौर पर सामने आया कि पांच अक्टूबर को थाना प्रभारी को गुप्त सूचना मिली थी कि पुनिया देवी का पति मुकेश गंझू और इंदुआ निवासी पिंटू यादव कथित तौर पर अवैध अफीम की बिक्री में शामिल हैं।सूचना के आधार पर थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, आरक्षी मनीष कुमार राम और निजी चालक चंद्रदेव ठाकुर बगनदी महुआ पहुंचे। जांच के अनुसार, मौके पर मुकेश गंझू, पिंटू यादव और पुनिया देवी मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस ने पुनिया देवी के पास से अफीम बरामद होने की बात कही।

पुलिसकर्मी के हाथ में काटा दांत, अफीम लेकर भागने का आरोप

जांच में यह भी दावा किया गया कि कार्रवाई के दौरान पुनिया देवी ने आरक्षी मनीष कुमार राम के हाथ में दांत से काट लिया और उसके हाथ से अफीम का पैकेट छीनकर पिंटू यादव को दे दिया। इसके बाद पिंटू यादव कथित तौर पर पैकेट लेकर मौके से फरार हो गया। ये घटनाक्रम जांच में सामने आए तथ्य हैं;इन्हें महिला के खिलाफ आरोप नहीं माना जाना चाहिए।

अफीम पकड़ने निकली पुलिस टीम पर प्रक्रिया उल्लंघन भारी

इस पूरे मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आई। जांच टीम के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट के तहत छापेमारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि थाना प्रभारी ने किसी राजपत्रित अधिकारी या मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के बिना कार्रवाई की।प्रक्रियात्मक लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और आरक्षी-338 मनीष कुमार राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

एक मामले में दो पहलू, पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल

बरियातू का यह मामला अब दो पहलुओं से चर्चा में है। एक ओर महिला ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है, तो दूसरी ओर जांच में अफीम की कथित बरामदगी, पुलिसकर्मी को काटने और पैकेट लेकर फरार होने की बात सामने आई है। वहीं, छापेमारी की प्रक्रिया में कथित चूक के कारण पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। अब आगे की जांच में महिला की शिकायत और छापेमारी के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

 

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