केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा: NEET-UG विवाद और जंतर-मंतर पर बढ़ते विरोध के बीच प्रधानमंत्री को भेजा त्यागपत्र

नई दिल्ली: देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। देश के युवाओं के नाम एक भावुक संदेश जारी करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंपने की घोषणा की। 

NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं, उसके बाद के घटनाक्रम और जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच उनका यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
इस्तीफे की मुख्य वजहें और बड़े बिंदु
NEET-UG परीक्षा में धांधली और जिम्मेदारी: 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं के बाद मामला सीबीआई (CBI) को सौंपा गया था और परीक्षा रद्द कर फिर से आयोजित कराई गई थी। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले ही दिन से इस पूरी स्थिति की नैतिक जिम्मेदारी ली थी और वे पीछे नहीं हटे।
छात्रों के भविष्य और राष्ट्रहित की चिंता: उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और देश भर में जो स्थिति बनी है, उसका कोई राष्ट्रविरोधी ताकतें गलत फायदा न उठा सकें। छात्र कानूनी पचड़ों में फंसने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, इसी बात को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार का फैसला: उन्होंने जानकारी दी कि भविष्य में ऐसी किसी समस्या से बचने के लिए अगले साल से NEET-UG की परीक्षा को ‘CBT (कंप्यूटर-बेस्ड-टेस्ट)’ मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
माफिया और राजनीति से व्यथित मन: 16 जुलाई को जारी नतीजों में कई मेधावी छात्र सफल रहे, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिशों से उनका मन दुखी हुआ।
युवाओं के नाम संदेश में क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान:
“मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूँ। पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, देश की युवा शक्ति ही असली ताकत है। बच्चों का भविष्य संवारना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
अपने पत्र के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से वे आगे भी ओडिशा की जनता, देश और युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर समर्पित रहेंगे।
