झारखण्ड शराब घोटाला: ED का शिकंजा और कसा, पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव व बेटे रोहित उरांव को समन, 29-30 जून को होगी पूछताछ

 

राँची।झारखण्ड के चर्चित शराब घोटाला और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने राज्य के पूर्व वित्त मंत्री एवं विधायक रामेश्वर उरांव तथा उनके बेटे रोहित उरांव को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। ईडी ने दोनों को क्रमशः 29 जून (सोमवार) और 30 जून (मंगलवार) को राँची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के अनुसार, ईडी को वर्ष 2023 में की गई छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों की जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि रोहित उरांव ने शराब कारोबार में बड़े स्तर पर निवेश किया था। जांच एजेंसी अब इस निवेश के स्रोत, वित्तीय लेन-देन तथा कथित शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी के साथ संभावित संबंधों की पड़ताल करेगी।ईडी यह भी जानने का प्रयास करेगी कि शराब कारोबार से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन में पूर्व मंत्री या उनके परिवार की कोई भूमिका रही या नहीं। पूछताछ के दौरान दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर कई सवाल पूछे जाने की संभावना है।

ईडी ने वर्ष 2023 में देवघर के विभिन्न थानों में दर्ज चार प्राथमिकी (एफआईआर) को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला (ईसीआईआर) दर्ज किया था। इन एफआईआर में अवैध शराब की बिक्री, बिना चालान के बालू का अवैध खनन एवं परिवहन, जमीन धोखाधड़ी सहित कई गंभीर आरोप शामिल थे। इन्हीं मामलों से जुड़े आर्थिक अपराधों की जांच के दौरान शराब कारोबार से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया।

जांच के क्रम में 23 अगस्त 2023 को ईडी ने तत्कालीन वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के सरकारी और निजी आवास समेत राज्यभर में 36 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान रोहित उरांव के ठिकाने से 30 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे।छापेमारी में बड़ी संख्या में दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ईडी ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने 19 अक्टूबर 2023 को कथित शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान शराब कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के कई पहलू सामने आए हैं। अब इन्हीं तथ्यों के आधार पर पूर्व मंत्री और उनके बेटे से पूछताछ की जाएगी।

रामेश्वर उरांव और रोहित उरांव से होने वाली पूछताछ को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईडी दोनों के बयान, बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान करेगी। यदि पूछताछ में नए तथ्य सामने आते हैं, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल एजेंसी पूरे मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

error: Content is protected !!