झारखण्ड के गुमला में 8 साल से लापता बेटी को ढूंढने के लिए अब 2 लाख इनाम, हाईकोर्ट के सख्ती के बाद पुलिस जागी… …..
गुमला।झारखण्ड के गुमला जिले में गुमला थाना क्षेत्र के खोरा जामटोली निवासी संजीता कुमारी अगस्त 2018 से लापता है।लापता होने के समय उसकी उम्र करीब 13 वर्ष थी, जो वर्तमान में 21 वर्ष हो चुकी है।अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चैनपुर श्रुति अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि लापता युवती के रेस्क्यू के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि यदि इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।प्रशासन ने युवती का पता बताने वाले को 2 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है, ताकि युवती को सकुशल वापस लाया जा सके।
बताया जा रहा है कि अब तक युवती का सुराग नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई है।इसके बाद पूरा पुलिस महकमा युद्ध स्तर पर जांच में जुट गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।कुछ दिन पहले राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा भी गुमला पहुंची थीं और लापता युवती के परिजनों समेत अन्य लोगों से पूछताछ की थी। इसके बावजूद अब तक मामले में कोई बड़ी सफलता नहीं मिल सकी है।
डीजीपी के निर्देश और हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सोमवार को सदर थाना में आधा दर्जन से अधिक लोगों को बुलाकर पूछताछ की है। यह कार्रवाई चैनपुर अनुमंडल की एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल के नेतृत्व में हुई. जिसमें खोरा जामटोली और आसपास के गांवों के कई लोगों से एक-एक कर पूछताछ की गई।
पुरानी केस डायरी खंगालकर नए सुराग की तलाश
पुलिस टीम पुराने केस डायरी और रिकॉर्ड को फिर से खंगाल रही है।इस दौरान पूर्व अनुसंधान पदाधिकारी (आइओ) भी पूछताछ प्रक्रिया में शामिल किए गए, जिससे पहले की जांच में छूटे पहलुओं को समझा जा सके।हालांकि, अब तक लापता किशोरी के संबंध में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
2018 से लापता है किशोरी, केस कोर्ट की निगरानी में
बताया जा रहा है कि वर्ष 2018 में गुमला के खोरा जामटोली गांव की 13 वर्षीय किशोरी अचानक लापता हो गई थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद से यह केस न्यायालय की निगरानी में चल रहा है।
सीबीआई जांच की चेतावनी के बाद बढ़ी सक्रियता
हाल ही में हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने पुलिस की धीमी जांच पर नाराजगी जताते हुए 2 सप्ताह के भीतर ठोस प्रगति दिखाने का निर्देश दिया था। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गयी थी कि प्रगति नहीं होने पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है। इसके बाद राज्य की डीजीपी ने गुमला पहुंचकर पूरे मामले की समीक्षा की और जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। फिलहाल, विशेष जांच टीम (एसआइटी) दिल्ली समेत कई स्थानों पर छानबीन कर चुकी है और अब स्थानीय स्तर पर भी संदिग्धों से पूछताछ तेज कर दी गई है।पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही किसी ठोस नतीजे तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

