छापर बालू घाट आगजनी कांड में नया ट्विस्ट! सोशल मीडिया पर गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी, FIR में किसी का नाम नहीं

राँची। जिले के बूढ़मू थाना क्षेत्र के छापर मंडई टोला में बालू घाट से जुड़ी जेसीबी मशीन में आगजनी और फायरिंग के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जिस वारदात के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर राहुल दुबे के नाम से घटना की जिम्मेदारी लेने वाला हस्तलिखित पत्र पोस्ट किया गया था, उसी मामले में दर्ज प्राथमिकी में किसी गैंगस्टर का नाम नहीं है। कारोबारी और जेसीबी मालिक तबरेज आलम ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाला कौन है और पुलिस अब तक उसके नाम की पुष्टि क्यों नहीं कर रही है?

सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी, FIR में अज्ञात अपराधी!
जेसीबी मालिक तबरेज आलम ने बूढ़मू थाने में दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि उनकी जेसीबी मशीन (रजिस्ट्रेशन नंबर OD16Q 1747) को असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। मशीन दुर्गा पूजा समिति के सफाई कार्य में लगी थी और छापर के मंडई टोला में सूरज हेम्ब्रम के होटल के सामने खड़ी थी। घटना 12 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे की बताई गई है।हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया पर गैंगस्टर राहुल दुबे के नाम से एक हस्तलिखित पत्र पोस्ट कर घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। इसके बावजूद प्राथमिकी में राहुल दुबे या प्रकाश शुक्ला में से किसी का नाम नहीं है। कारोबारी ने अज्ञात अपराधियों को आरोपी बनाया है। पुलिस की ओर से भी इन नामों की पुष्टि नहीं की गई है।

हेल्पर ने शोर मचाया तो अपराधियों ने चलाई गोली
प्राथमिकी के अनुसार, जेसीबी का हेल्पर मशीन से करीब 100 मीटर दूर था। इसी दौरान उसने देखा कि अज्ञात अपराधी जेसीबी के ऊपरी हिस्से में आग लगा रहे हैं। हेल्पर ने शोर मचाया तो अपराधियों ने एक राउंड फायरिंग की और अंधेरे का फायदा उठाकर पास के जंगल की ओर भाग निकले।आगजनी में जेसीबी मशीन को काफी नुकसान पहुंचा है। कारोबारी ने आशंका जताई है कि इलाके में भय और दहशत फैलाने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया।

अब जांच के घेरे में कौन-कौन से सवाल?
इस घटना में सबसे अहम सवाल सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले पत्र को लेकर है। क्या पत्र वास्तव में संबंधित गैंगस्टर की ओर से पोस्ट किया गया था, या इसके जरिए पुलिस और कारोबारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई क्या आगजनी और फायरिंग के पीछे बालू कारोबार से जुड़ा कोई विवाद है।फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

बूढ़मू पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा और प्राथमिकी में अज्ञात अपराधियों का जिक्र इन दोनों के बीच की गुत्थी पुलिस कैसे सुलझाती है।

 

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