झारखण्ड पुलिस की नई ड्यूटी, अपराधियों को बाद में पकड़ेंगे, पहले टावर से आशिकों को उतारेंगे…

 

राँची। झारखण्ड में प्यार का इजहार अब घुटनों के बल बैठकर नहीं, बल्कि जमीन से दो सौ फीट ऊपर मोबाइल और बिजली के टावरों पर चढ़कर हो रहा है। राज्य में मजनुओं और लैलाओं के लिए ये टावर नेटवर्क देने का जरिया कम और इमोशनल ब्लैकमेलिंग का हाई-वोल्टेज मंच ज्यादा बन गए हैं।आलम यह है कि राज्य के किसी न किसी जिले से हर महीने औसतन दो बार ऐसी खबरें आ ही जाती हैं,जहां प्रेमी या प्रेमिका अपनी किसी मांग को लेकर या फिर जेल में बंद अपने क्लीयरेंस सर्टिफिकेट वाले पार्टनर की रिहाई के लिए सीधे आसमान छूने निकल पड़ते हैं। पिछले तीन महीनों में ही ऐसे करीब एक दर्जन हाई-वोल्टेज ड्रामे हो चुके हैं।

प्रशासन बेदम, मजनू एकदम मस्त

जैसे ही कोई प्रेमी टावर के शीर्ष पर पहुंचता है, नीचे पुलिस प्रशासन और परिजनों की सांसें अटक जाती हैं। नीचे से लाउडस्पीकर पर मान-मनौव्वल का जो दौर शुरू होता है, वह किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के क्लाइमेक्स से कम नहीं होता। पुलिस, जो अपराधियों को पकड़ने के लिए जानी जाती है, वह नीचे खड़े होकर प्लीज नीचे आ जाओ, तुम्हारी सारी शर्तें मंजूर हैं, जैसी मिन्नतें करती नजर आती है। प्रशासन परेशान है कि आखिर इस ऊंचाई वाले इश्क को कैसे रोका जाए, क्योंकि उनके पास न तो इसका कोई कानूनी तोड़ है और ना ही कोई सीढ़ी जो सीधे दिल तक जाती हो।

‘सिंगल’ से ‘सिग्नल’ तक का सफर

अब प्रेमी-प्रेमिकाओं को लगता है कि पंचायत और पुलिस के चक्कर काटने से बेहतर है कि सीधे जियो या एयरटेल के टावर पर चढ़ जाओ।वहां से मांगें जितनी जल्दी सुनी जाती हैं, उतनी तो 5G की स्पीड भी नहीं है।इस नए दौर के प्यार में रिस्क तो है, लेकिन ‘इश्क’ को मुकाम तक पहुंचाने का यह सबसे शॉर्टकट रास्ता बन चुका है।प्रशासन को अब बिजली और मोबाइल कंपनियों से गुजारिश करनी पड़ रही है कि भाई,टावरों के नीचे कांटेदार तार के साथ-साथ थोड़ा इश्क-रोधी पहरा भी बिठाया जाए।

जब तक टावर रहेगा, तब तक ड्रामा चलेगा

इस पूरे खेल में सबसे ज्यादा मनोरंजन स्थानीय जनता का होता है, जो नीचे खड़े होकर रील्स बनाती है. पुलिस के लिए यह सिरदर्द बन चुका है कि वे कानून-व्यवस्था संभालें या टावर पर चढ़े ‘वीरू और बसंती’ को नीचे उतारने के लिए नए-नए वादे करें. खैर, जब तक राज्य में टावर खड़े हैं और दिलों में ऐसी ‘हाई-वोल्टेज’ आशिकी जिंदा है, तब तक पुलिस को जमीन पर रहकर आसमान की तरफ मुंह उठाकर देखते रहना पड़ेगा।

ताजा मामला बोकारो जिले के ललपनिया पंचायत अंतर्गत तिलैया गांव की हैं।जहां वहीं के निवासी सोनी कुमारी मंगलवार को गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार उसे सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी रही।घँटों हाइ वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

चार दिन पहले राँची से बरामद कर लाई थी पुलिस

टावर पर चढ़ी सोनी कुमारी का कहना है कि जब तक उसके प्रेमी को जेल से रिहा नहीं किया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। मामले की जड़ चार दिन पहले की है। चार दिन पहले ललपनिया थाना प्रभारी जय प्रकाश एक्का सोनी कुमारी को राँची से बरामद कर लाए थे। इस केस में लड़का अभी जेल में बंद है। इसी के विरोध में सोनी ने टावर पर चढ़कर खुद की जान जोखिम में डाल दिया।

पुलिस और प्रशासन की टीम युवती को समझाने में लगी है, पर सोनी अपनी जिद पर अड़ी रही।पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर हाई वोल्टेज लाइन का खतरा टालने की कोशिश की है।टावर के नीचे ग्रामीणों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। अधिकारियों ने परिजनों और समाजसेवियों से अपील की है कि वे सोनी को समझाकर नीचे उतारने में मदद करें।वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाह न फैलाने और कानून हाथ में न लेने की चेतावनी दी है।

 

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