पुलिस रिमांड पर नक्सली रविन्द्र गंझु ने उगला राज, सुरक्षा बलों को मिला AK-56 और कारतूसों का जखीरा

लातेहार।झारखण्ड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा 209 के सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त विशेष छापामारी अभियान के दौरान प्रतिबंधित भा०क०पा० माओवादी संगठन के सक्रिय रिजनल कमेटी सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी उग्रवादी रवीन्द्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेन्द्र गंझू को बीते दिनों विधिवत गिरफ्तार किया था।लातेहार पुलिस ने नक्सली रवींद्र को रिमांड में लेकर पूछताछ किया है।पूछताछ में रविंद्र ने कई राज खोला है।वहीं,पुलिस ने उसकी निशानदेही पर भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोलियां भी बरामद की हैं।

बता दें ​पुलिस अधीक्षक लातेहार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 12 जुलाई 2026 को लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा 209 के सुरक्षा बलों को मिलाकर एक संयुक्त विशेष छापामारी दल का गठन किया गया था। इस दल ने “SPECIAL OPS KANTI” (स्पेशल ऑपरेशन कांति) के तहत लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बांझी टोला गाँव से बाहर जंगल में स्थित एक बरगद पेड़ के पास घेराबंदी कर इस कुख्यात उग्रवादी को दबोचा था।

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रवीन्द्र गंझू को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने कई अन्य उग्रवादी कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दोबारा छापेमारी कर भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए, जिसमें एक स्वचालित हथियार AK-56, AK-56 की 2 मैगजीन, 90 चक्र जिंदा कारतूस और एक काले रंग का पाउच शामिल है।

​गिरफ्तार माओवादी रिजनल कमांडर रवीन्द्र गंझू (उम्र 43 वर्ष, पिता रामब्रत गंझू, निवासी- हेसला बांझी टोला, थाना बेतर ओपी, चंदवा, लातेहार) करीब 30 वर्षों से संगठन से जुड़कर सक्रिय था। वर्तमान समय में वह चंदवा, गुमला एवं लोहरदगा एरिया में सक्रिय रहकर आतंक फैलाने, लेवी वसूलने, विकास कार्यों में बाधा पहुँचाने तथा आम जनता एवं सुरक्षा बलों को नुकसान पहुँचाने जैसी जघन्य घटनाओं में शामिल था। वह सुरक्षा बलों के साथ हुई कई मुठभेड़ों में भी शामिल रहा है। इसके आपराधिक इतिहास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके विरुद्ध तीन जिलों में कुल 155 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें लातेहार जिला में 41 कांड, लोहरदगा जिला में 87 कांड और गुमला जिला में 27 कांड दर्ज हैं।

​इस बेहद संवेदनशील और सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से लातेहार के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी  संदीप कुमार गुप्ता, बेतर ओ०पी० प्रभारी रितेश कुमार राव, बारैसाढ़ थाना प्रभारी शशि कुमार, चंदवा थाना के पु०अ०नि० अजीत कुमार, बेतर ओ०पी० के पु०अ०नि० रितेश तिग्गा, आरक्षी 582 राहुल कुमार दुबे और SAT-01 व SAT-45 के सशस्त्र बल शामिल थे। रवीन्द्र गंझू की गिरफ्तारी को झारखण्ड पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए उग्रवाद उन्मूलन की दिशा में एक बहुत बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

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