मनरेगा घोटाला: ईडी ने पूजा सिंघल की मां, भाई सहित 5 को बनाया नया आरोपी, दाखिल किया चौथा पूरक आरोप पत्र
–-अदालत से बोरिया स्थित 1.33 करोड़ की 17 डिसमल जमीन जब्त करने के लिए भी कोर्ट से किया आग्रह
राँची।प्रवर्तन निदेशालय,राँची ने झारखण्ड के खूंटी जिले में मनरेगा में हुए बड़े गबन और धन शोधन मामले में पूजा सिंघल की मां, भाई व सास सहित 5 को नया आरोपी बनाया है।राँची स्थिति विशेष कोर्ट में इनके विरुद्ध चौथा पूरक आरोप पत्र (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल किया है। नए आरोपियों में अमिता झा (अभिषेक झा की मां), सिद्धार्थ सिंघल (पूजा सिंघल का भाई), कमलेश सिंघल (पूजा सिंघल की मां) मेसर्स राधेश्याम फायरवर्क्स एलएलपी और पवन कुमार सिंह शामिल हैं। जांच एजेंसी ने अदालत से 1.33 करोड़ रुपए मूल्य की रांची के मौजा बोरिया स्थित 17 डिसमिल जमीन को जब्त करने के लिए भी कोर्ट से आग्रह किया है। ईडी ने दर्ज 16 प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। इडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,जांच में सामने आया कि वर्ष 2009-2011 के दौरान खूंटी जिले में विकास कार्यों के लिए लगभग 24 करोड़ रुपए जारी किए गए थे, जिसमें से 18.06 करोड़ रुपए का गबन अत्यंत घटिया कार्य दिखाकर किया गया। जांच में यह यह भी बात सामने आई कि खूंटी की तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल इस आपराधिक साजिश की मुख्य लाभार्थी थीं। आरोप है कि वे परियोजनाओं को मंजूरी देने के बदले वितरित राशि का 5 प्रतिशत नकद कमीशन वसूलती थीं और दोषी अधिकारियों को विभागीय कार्रवाई से बचाती थीं। इस अवैध कमाई को बाद में बेनामी संस्थाओं, पारिवारिक प्रतिनिधियों और कॉर्पोरेट संरचनाओं के माध्यम से निवेश कर सफेद किया गया।

बेनामी कंपनी के जरिए जमीन खरीदी गई
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि मेसर्स राधेश्याम फायरवर्क्स एलएलपी का गठन कर इसे बेनामी मुखौटे के रूप में इस्तेमाल किया गया। इसी कंपनी के माध्यम से मौजा बोरिया,राँची में 17 डेसिमल जमीन के लिए 1.33 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इसमें पवन कुमार सिंह और कमलेश सिंघल को नामित भागीदार बनाया गया, जिससे वास्तविक स्वामित्व को छिपाया जा सके। अमिता झा ने अपने खातों के माध्यम से 20.70 लाख रुपए की राशि को घुमाने में भूमिका निभाई, जिसे बाद में एक निजी स्वास्थ्य कंपनी में शेयर पूंजी के रूप में दर्शाया गया।सिद्धार्थ सिंघल ने भी बेहिसाब नकदी को शेयर पूंजी के रूप में लगाया। मोबाइल के डिजिटल विश्लेषण में व्हाट्सएप संदेशों से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
छापेमारी में 19.31 करोड़ नकद बरामद कर चुका है ईडी
ईडी ने 6 मई 2022 को पूजा सिंघल और उनके सहयोगियों के 24 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान सह-आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के आवास से 17.49 करोड़ रुपए और एक अन्य सहयोगी के परिसर से 1.82 करोड़ रुपए बरामद किए गए थे। इस प्रकार कुल नकद जब्ती लगभग 19.31 करोड़ रुपए रही। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, शेयर प्रमाण पत्र और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए थे।
पहले भी दाखिल कर चुका है ईडी चार्जशीट
ईडी इससे पहले पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा, चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार और एक निजी स्वास्थ्य कंपनी सहित 8 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर चुका है। साथ ही 4 अनंतिम कुर्की आदेशों के माध्यम से संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है, जिसकी पुष्टि न्यायनिर्णायक प्राधिकरण द्वारा की जा चुकी है।

