हजारीबाग दरिंदगी के विरोध में विष्णुगढ़ में लॉकडाउन,पूरे जिले बंदी का असर..आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे आंदोलनकारी
हज़ारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड के कोसुंभा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना के विरोध में सोमवार को विष्णुगढ़ पूरी तरह बंद है।दुकानदारों ने स्वतः अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे पूरे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।हालात ऐसे दिखे मानो इलाके में लॉकडाउन लागू हो गया हो। इस बंदी के दौरान आंदोलनकारी घटना में शामिल अपराधियों के गिरफ्तारी की मांग करते दिखाई दिए।इसके लिए कई लोगों ने हाथ में तख्तियां लेकर प्रदर्शन भी किया।विष्णुगढ़ में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और फिर बर्बर तरीके से हत्या की घटना से लोग काफी आक्रोशित हैं। इस घटना में अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।जिसके बाद आज भाजपा की ओर से हजारीबाग बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद में हजारीबाग वासियों का समर्थन देखने को मिल रहा है।व्यापारी अपने प्रतिष्ठान खुद से बंद रखे हुए हैं।
आंदोलनकारियों ने विष्णुगढ़-हजारीबाग रोड को सात माइल मोड़ के पास जाम कर दिया।सुबह करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सात माइल मोड़, हॉस्पिटल मोड़ और अखाड़ा चौक की सभी दुकानें पूरी तरह बंद है।
इधर,रविवार शाम निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान ही बंद का ऐलान किया गया था। इसी के बाद सोमवार को लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए बाजार बंद रखा। आंदोलनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
इस घटना के विरोध में भाजपा ने हजारीबाग बंद का आह्वान किया था,जिसका व्यापक असर देखने को मिला है।पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मिलकर बंद को सफल बनाया।विभिन्न इलाकों में दुकानें बंद रहीं और लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
विष्णुगढ़ के साथ-साथ झुमरा बाजार में भी बंद का असर साफ नजर आया।यहां भी दुकानों के शटर गिरे रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर एकजुट दिखे और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की।
पूरे इलाके में एक ही दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मांग गूंजी. लोगों का कहना है कि जब तक आरोपियों को पकड़कर सजा नहीं दी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।घटना के बाद से प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

