दुमका के सरैयाहाट में कलयुगी पिता ने नाबलिग बेटी और चाचा को उतारा मौत के घाट,आरोपी गिरफ्तार

दुमका।यह कहानी किसी डरावनी फिल्म की नहीं, बल्कि सरैयाहाट के एक घर की है, जहाँ एक छोटी सी बहस ने देखते ही देखते दो जिंदगियों को लील लिया। जब गुस्सा हद पार कर जाए, तो इंसान अपनी ही औलाद का काल बन जाता है। यहाँ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक पिता (हड़ुआ मंडल) अपनी 15 साल की मासूम बेटी (पुड़की कुमारी) के लिए ‘पिता’ नहीं, बल्कि ‘यमराज’ बन गया।शनिवार की ढलती शाम को घर में मामूली बात पर बहस शुरू हुई थी। किसी ने नहीं सोचा था कि यह बहस चीख-पुकार और फिर हमेशा के लिए खामोशी में बदल जाएगी। गुस्से में अंधा हो चुका हड़ुआ इस कदर बेकाबू हुआ कि उसने अपनी ही बेटी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मासूम पुड़की ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
चीख-पुकार सुनकर जब रिश्ते में चचेरे चाचा लगने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग सरजू मंडल दौड़ते हुए घर पहुंचे, तो उनका मकसद सिर्फ इस खूनी खेल को रोकना था। लेकिन हैवानियत के चश्मे से देख रहे हड़ुआ को यह दखलंदाजी रास नहीं आई।हड़ुआ ने बिना सोचे-समझे पास पड़ी ईंट उठाई और बुजुर्ग सरजू मंडल के सिर पर दे मारी। लहूलुहान सरजू वहीं गिर पड़े। उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए देवघर ले जाया गया, लेकिन रविवार को उन्होंने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक ही गुस्से ने एक हंसता-खेलता परिवार तबाह कर दिया।
इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। गाँव की गलियों में सन्नाटा तो है, लेकिन लोगों की आँखों में आरोपी के खिलाफ भारी आक्रोश है।वहीं, वारदात की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी हड़ुआ मंडल को धर दबोच लिया।आरोपी अब पुलिस की हिरासत में है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।

