साहिबगंज:ग्रामीण इलाको में सरकारी योजना के नाम पर फिंगर प्रिंट का क्लोन बनाकर खातों से रुपये उड़ाने वाले दो साईबर अपराधी गिरफ्तार

 

साहिबगंज।झारखण्ड के साहिबगंज जिले में फिंगर प्रिंट का क्लोन तैयार कर बैंक खातों से रुपये उड़ाने वाले गिरोह के दो साईबर अपराधी को साहेबगंज के गोखला मिशन भगैया चेक पोस्ट पर पकड़ा गया है।आरोपी प्रधानमंत्री उज्वला योजना समेत अन्य योजना के नाम पर ग्रामीण इलाको में ठगी को अंजाम देते थे। दोनो आरोपी को उस वक्त मिर्जाचौकी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया जब आरोपी मंडरो के तरफ से आ रहा था। मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के गोखला मिशन भगैया चेक पोस्ट पर लोकसभा चुनाव को लेकर दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी आने जाने वाले वाहनों पर नजर रख रहे है,इसी दौरान कार (GJ 01HN-5798) सवार दोनो आरोपी को पकड़ा गया।

गिरफ्तार आरोपी में गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के माल मंडरो निवासी विक्की मुर्तजा खान (उम्र 35), पिता-मुर्तजा खान और बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैती थाना क्षेत्र स्थित फौजदारी निवासी सुमन कुमार श्रीवास्तव (उम्र 28) पिता-अखिलेश श्रीवास्तव का नाम शामिल है।आरोपी के पास से कैनरा बैंक,आईसीआईसीआई बैंक, इंडसलैण्ड बैंक, कोटाक बैंक, एसबीआई, फेडरल बैंक, इंडियन बैंक, आईडीएफसी बैंक का कार्ड, विक्की मुर्तजा खाना का चार आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राईविंग लाइसेंस एवं थाना गोड्डा का SPO कार्ड, फिगर प्रिट क्लोन बनाने के लिये 36 पीस M. SEAL, दो बायोमैट्रिक, 33 पीस स्टाम्प पैड, 7 सीम, TOYOTA का COROLLA FOUR WHEELER, CENTREL BANK OF INDIA का तीन BLANK CHEQUE, ICICI BANK का तीन BLANK CHEQUE एवं IDBI BANK का एक BLANK CHEQUE और 50 पीस उज्जवला योजना का आवेदन फॉर्म पुलिस ने बरामद किया है।इस मामले को लेकर मिर्जाचौकी थाना (कांड सं 36/24) मे दोनो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।आरोपी सुमन कुमार श्रीवास्तव वर्ष 2023 में पीरपैंती थाना में दर्ज साईबर ठगी के आरोप में जेल जा चुका है।

पैसा किसके खाते में गया बैंक से स्टेटमेंट से भी नही मिलती है जानकारी

गिरफ्तार आरोपी विक्की मुर्तजा खान और सुमन कुमार श्रीवास्तव के पास से कई लोगो के आधार कार्ड और डुप्लीकेट क्लोन सहित अन्य समान पुलिस को मिले है। पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ग्रामीण इलाको में प्रधान मंत्री उज्जवला योजना के केवाईसी आवेदन के नाम पर स्टाम्प पैड में एमसील लगाकर उनका फिंगर प्रिंट लेते हैं. उस फिंगर प्रिंट के फेवीकोल के माध्यम से क्लोन बना कर डुप्लीकेट फिंगर प्रिंट बना लेते हैं। उसके बाद क्लोन फिंगर प्रिंट के सहारे बायोमैट्रिक के माध्यम से मोबाईल में उपलब्ध एप VIDCOM तथा SPICE MONEY के माध्यम से खाता से रुपये उड़ा लेते हैं।इस तरह के अवैध निकासी का बैंक से कोई स्टेटमेंट प्राप्त नहीं होता कि पैसा किसके खाते में गया है।