झाड़-फूंक के फेर में उजड़ गया परिवार! माँ समेत दो बेटों की संदिग्ध मौत से इलाके में हड़कंप

रामगढ़। झारखण्ड के रामगढ़ जिले के भुरकुंडा थाना क्षेत्र के पाली गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतकों में माँ संगीता और उसके दो बेटे रामकिशुन व साहिल शामिल हैं। एक साथ तीन मौतों के बाद गांव में मातम के साथ-साथ तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार में सबसे पहले एक बेटे की तबीयत बिगड़ी थी। इलाज के दौरान जांच में मलेरिया और टाइफाइड की बात सामने आने की जानकारी है। हालांकि, परिजनों की ओर से कथित तौर पर चिकित्सकीय उपचार के साथ झाड़-फूंक का सहारा लिया गया। इसी दौरान परिवार के अन्य सदस्यों की तबीयत भी बिगड़ती चली गई।हालात बिगड़ने पर दोनों बेटों की मौत हो गई। इसके बाद माँ संगीता की तबीयत भी बेहद गंभीर हो गई। परिजन उसे इलाज के लिए रामगढ़ के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स रेफर कर दिया। रिम्स में इलाज के दौरान देर रात संगीता ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।

एक-एक कर तीन मौतों से गांव में पसरा मातम

एक ही घर से मां और उसके दो बेटों की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जिस परिवार में कुछ समय पहले तक सामान्य माहौल था, वहां अचानक तीन लोगों की मौत से ग्रामीण सदमे में हैं। घटना को लेकर ग्रामीणों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर तीनों की मौत की वास्तविक वजह क्या थी। शुरुआती जानकारी में बीमारी और समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि, मौत की असली वजह मेडिकल जांच और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अंधविश्वास के कारण कथित तौर पर झाड़-फूंक पर भरोसा करने की बात सामने आने के बाद यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय उपचार की जरूरत को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

तीन मौतों की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पाली गांव पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य की भी जानकारी ली जा रही है।अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि तीनों की मौत के पीछे मलेरिया, टाइफाइड, किसी अन्य बीमारी, संक्रमण या कोई दूसरी वजह जिम्मेदार थी।फिलहाल तीन मौतों के बाद पाली गांव में दहशत और गम का माहौल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच पर अब सबकी नजर टिकी है।

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