रिजर्व सीट पर दबंगई, पुलिस अफसर दंपती पर हमला… फिर इंजन के आगे डट गईं महिला दारोगा, एक घंटे थमी गया-हावड़ा एक्सप्रेस

 

–आरक्षित सीट खाली करने को कहा तो दबंगों ने बुला लिए साथी, सब-इंस्पेक्टर दंपती और मासूम बच्चे से मारपीट। कार्रवाई में देरी से नाराज़ महिला अफसर ने इंजन के सामने खड़े होकर रोकी ट्रेन

नवादा/साहिबगंज।ट्रेन में रिजर्वेशन सीट पर दबंगों ने किया कब्जा कर लिया।जब विरोध किया तो झारखण्ड पुलिस के दो सब-इंस्पेक्टर पति-पत्नी के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। दरअसल,गया-हावड़ा एक्सप्रेस में आरक्षित सीट खाली करने का आग्रह करना पुलिस अफसर दंपती को इतना भारी पड़ा कि दबंगों ने उनके साथ उनके मासूम बच्चे तक को नहीं बख्शा। मारपीट के बाद जब तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो महिला दारोगा ने ऐसा कदम उठाया कि पूरी ट्रेन करीब एक घंटे तक स्टेशन पर थम गई।

जानकारी के मुताबिक, झारखण्ड के साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर पूजा कुमारी अपने पति हरिओम कुमार, जो स्पेशल ब्रांच में सब-इंस्पेक्टर हैं, और छोटे बच्चे के साथ रविवार को गया-हावड़ा एक्सप्रेस से ड्यूटी ज्वाइन करने बरहरवा लौट रही थीं। तीनों के पास वैध आरक्षित टिकट था और वे अपनी सीट पर बैठे थे।


ट्रेन के नवादा पहुंचने से पहले कुछ युवक जबरन उनकी रिजर्व सीट पर आकर बैठ गए। जब दंपती ने टिकट दिखाते हुए सीट खाली करने का अनुरोध किया तो बात विवाद में बदल गई। आरोप है कि युवकों ने फोन कर अपने अन्य साथियों को बुला लिया और फिर पुलिस अफसर दंपती के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनका छोटा बच्चा भी इस हंगामे की चपेट में आ गया। चलती ट्रेन में हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

पीड़ित महिला सब-इंस्पेक्टर का आरोप है कि घटना की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) को दी गई, लेकिन शुरुआती स्तर पर किसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि जब उन्होंने और उनके पति ने अपनी पहचान झारखण्ड पुलिस के अधिकारियों के रूप में बताई, तब जाकर रेलवे पुलिस हरकत में आई।

रेलवे पुलिस के रवैये और सार्वजनिक अपमान से आक्रोशित पूजा कुमारी ने काशीचक स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही इंजन के सामने खड़े होकर विरोध शुरू कर दिया। महिला अफसर के इस कदम से गया-हावड़ा एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही। मौके पर पहुंचे रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद उन्होंने अपना विरोध समाप्त किया और ट्रेन आगे रवाना हो सकी।

इस मामले में महिला दारोगा ने मुख्य आरोपी के रूप में काशीचक निवासी विमलेश कुमार को नामजद किया है। आरोप है कि उसी ने अपने साथियों को बुलाकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। जीआरपी ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

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