राँची पुलिस लाइन में खाकी की मर्यादा तार-तार:जुआ खेलते और खिलाते 10 पुलिसकर्मी रंगेहाथ धराए, सभी तत्काल सस्पेंड

 

राँची। जिस खाकी वर्दी के कंधों पर कानून की रक्षा और अपराध पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी है, उसी वर्दी को पहनने वाले कुछ पुलिसकर्मी पुलिस लाइन के भीतर ही कानून और अनुशासन की धज्जियां उड़ाते पकड़े गए। राजधानी राँची के पुलिस लाइन परिसर में जुआ खेलने और खिलाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में 10 पुलिसकर्मियों को रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस घटना ने न केवल पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि खाकी वर्दी की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है।

 

जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन परिसर में पिछले कुछ समय से कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से जुआ खेलने और खेलाने की शिकायतें मिल रही थीं।ये शिकायतें गोपनीय रूप से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही थीं।शुरुआत में शिकायतों की सत्यता की जांच की गई।इसके बाद शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर पुलिस लाइन परिसर में अचानक छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान टीम ने पहले से चिह्नित ठिकाने की घेराबंदी की। इस दौरान वहां जुआ खेल रहे और खेलाने में संलिप्त बताए जा रहे 10 पुलिसकर्मियों को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। पुलिस लाइन जैसे अनुशासित परिसर में इस तरह की गतिविधि सामने आने से विभाग के अधिकारियों के बीच भी हलचल मच गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने बिना देरी किए सभी 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और विधिसम्मत विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विभागीय स्तर पर अब पूरे मामले की आगे की प्रक्रिया की जा रही है।

इस मामले में सार्जेंट मेजर ने बताया कि पुलिस लाइन में जुआ खेलने का मामला सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सभी को निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल आगे की प्रक्रिया की जा रही है।

पुलिस लाइन वह स्थान है, जहां पुलिसकर्मियों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और कानून के पालन का प्रशिक्षण एवं अभ्यास कराया जाता है। ऐसे परिसर के भीतर ही जुआ खेलने और खेलाने की गतिविधि सामने आना विभाग के लिए गंभीर मामला है। आम लोगों से कानून का पालन कराने वाले पुलिसकर्मियों पर ही जब इस तरह के आरोप लगें, तो पुलिस की छवि और जनता के भरोसे पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

फिलहाल विभाग ने निलंबन की कार्रवाई कर सख्त संदेश देने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि विभागीय जांच में इस पूरे मामले के और कौन-कौन से पहलू सामने आते हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।

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