हजारीबाग पुलिस का स्कूलों में जागरूकता अभियान: बच्चों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव और नशे से बचने के बताए तरीके, 1930 हेल्पलाइन की दी जानकारी
हजारीबाग। बच्चों और किशोरों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव तथा नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से बचाने के लिए हजारीबाग पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देश पर जिले के दारू और विष्णुगढ़ थाना क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों को साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल, नशे के दुष्परिणाम और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया।
दारू थाना क्षेत्र के स्वामी विवेकानंद स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम
दारू थाना प्रभारी के नेतृत्व में स्वामी विवेकानंद स्कूल में कक्षा आठवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इस दौरान बच्चों को बताया गया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, निजी जानकारी साझा करने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों से बचने की सलाह दी गई।
पुलिस ने बच्चों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि थोड़ी सी लापरवाही साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी का कारण बन सकती है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग, गलत सूचनाओं और दुष्प्रचार से बचने के लिए भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इसके साथ ही नशे से दूर रहने और अपने आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई।
विष्णुगढ़ थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
वहीं, 31 अक्टूबर 2026 को विष्णुगढ़ थाना प्रभारी के नेतृत्व में +2 हाई स्कूल विष्णुगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कक्षा आठवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। पुलिस पदाधिकारियों ने बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव, साइबर फ्रॉड से बचाव और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से जुड़े अपराधों के प्रति जागरूक किया।
इस दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर ठगी होने पर तत्काल कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई। पुलिस ने समझाया कि यदि किसी के बैंक खाते से धोखाधड़ी के जरिए पैसे निकाल लिए जाते हैं, तो बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि ठगी की रकम को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा डायन प्रथा जैसी अंधविश्वास आधारित सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करते हुए बताया गया कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना या उसके साथ हिंसा करना गंभीर अपराध है। विद्यार्थियों से ऐसी घटनाओं का विरोध करने और इसकी सूचना पुलिस को देने की अपील की गई।
बच्चों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने की पहल
हजारीबाग पुलिस की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें समाज में होने वाले अपराधों और चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाना है। पुलिस ने बच्चों को नशे से दूर रहने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने, साइबर ठगों के झांसे में नहीं आने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की।पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऐसे जागरूकता अभियान से स्कूली बच्चों में साइबर सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति समझ विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

