JPSC परीक्षा सिंडिकेट पर CID का सबसे बड़ा एक्शन, गोड्डा से BSO गिरफ्तार, 5 लाख कैश बरामद,इधर और पांच गिरफ्तारी की खबर…

 

राँची/गोड्डा।झारखण्ड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित फर्जीवाड़े और परीक्षा सिंडिकेट के खिलाफ सीआईडी (CID) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पहले परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत था। जांच एजेंसियों को शक है कि उसने परीक्षा सिंडिकेट की मदद से खुद भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की और पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा बना रहा।

देर रात छापा, 5 लाख रुपये नकद बरामद

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर रात सीआईडी की विशेष टीम ने पोड़ैयाहाट के बांझी रोड स्थित आरोपी के किराए के मकान पर छापेमारी की। कई घंटे चली कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 5 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके बाद अधिकारी को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से परीक्षा सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।इस कार्रवाई की खबर फैलते ही गोड्डा से लेकर राँची तक प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। कई अधिकारियों और परीक्षा से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।

एक के बाद एक कई परीक्षाएं कीं पास

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अधिकारी ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। इनमें शामिल हैं—

– PGTTCE-2023 (रोल नंबर-10309146)
– JSSC CGL-2023 (रोल नंबर-1237696, रैंक-2)
– ACF प्रारंभिक परीक्षा-2024 (रोल नंबर-24300086)
– MRO प्रारंभिक परीक्षा-2024 (रोल नंबर-24400147)
– FSO लिखित परीक्षा-2023

सीआईडी अब इन सभी परीक्षाओं में आरोपी की भूमिका और चयन प्रक्रिया की बारीकी से जांच कर रही है।

शिकायत के बाद खुला मामला

बताया जा रहा है कि नगड़ी निवासी एस.एस. शर्मा ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत स्थानीय थाना, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीआईडी से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी एक संगठित परीक्षा सिंडिकेट के लिए काम करता था और उसी नेटवर्क के जरिए उसने खुद भी कई परीक्षाओं में कथित रूप से गलत तरीके से सफलता हासिल की।

राँची में भी बड़ा एक्शन, कई लोग गिरफ्तार होने की चर्चा

इधर राजधानी राँची में भी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की कार्रवाई के बाद इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किए जाने की चर्चा है। इनमें जेपीएससी से जुड़ी श्वेता गुप्ता के अलावा परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL के अभय कुमार, राजवीर सिंह और एजेंसी के दो अन्य कर्मियों के नाम सामने आ रहे हैं।हालांकि, इन गिरफ्तारियों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। जांच एजेंसियां फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

क्या खुलने वाला है झारखण्ड का सबसे बड़ा परीक्षा घोटाला?

सीआईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह केवल कुछ लोगों तक सीमित मामला है या फिर इसके पीछे वर्षों से सक्रिय कोई बड़ा संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था। जांच एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह झारखंड के प्रतियोगी परीक्षा इतिहास के सबसे बड़े कथित फर्जीवाड़ों में से एक हो सकता है।

 

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