Ranchi: सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के नाम पर 72.65 लाख की ठगी, पैसे मांगने पर तानी पिस्तौल

 

राँची।राजधानी राँची में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच एक बड़ी और सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें सिर्फ लाखों रुपये हड़पे नहीं गए, बल्कि पैसे वापस मांगने पर पीड़ित दंपती को पिस्तौल के बल पर आतंकित भी किया गया। मोरहाबादी (कुसुम विहार) निवासी डॉ. नवीन कुमार की पत्नी प्रीति कुमारी ने चुटिया थाने में एक लिखित आवेदन देकर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई है। पुलिस को दिए गए इस आवेदन में निवेश के नाम पर ₹72,65,000 (बहत्तर लाख पैंसठ हजार रुपये) की ठगी के साथ-साथ जान से मारने की धमकी देने का बेहद गंभीर आरोप लगाया गया है।

जान-पहचान का भरोसा और शेयर का झांसा

शिकायत के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत मेडिकल प्रोफेशन के आपसी परिचय से हुई। डॉ. नवीन कुमार का परिचय डॉ. डेनिस जेस से था। इसी का फायदा उठाकर सिरमटोली स्थित ‘डिवाइन पैथोलॉजी’ में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डॉ. डेनिस जेस, डॉ. नेहा अनुपमा शीतल, पीयूष कुमार और रंजन डीक्रूज शामिल थे। इन लोगों ने दावा किया कि डिवाइन पैथोलॉजी उनकी अपनी कंपनी है और वे जल्द ही एक नया ‘डिवाइन सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड’ खोलने जा रहे हैं। आरोपियों ने इस नए प्रोजेक्ट में पीड़ित परिवार को डायरेक्टर बनाने और बड़ी हिस्सेदारी (शेयर) देने का लालच दिया।

54 लाख का निवेश, एग्रीमेंट के नाम पर धोखा

आरोपियों के वादों पर भरोसा करते हुए प्रीति कुमारी ने जनवरी 2022 में निवेश करना शुरू किया। अस्पताल में 5% की हिस्सेदारी और डायरेक्टर पद के लिए उन्होंने ₹54 लाख (₹50 लाख चेक और ₹4 लाख कैश) दिए। इसके साथ ही, डिवाइन पैथोलॉजी में 25% शेयर के लिए ₹18.65 लाख का अलग से भुगतान किया। लेकिन इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी आरोपियों ने न तो कोई कानूनी एग्रीमेंट साइन किया, न ही पीड़िता को डायरेक्टर का पद दिया और न ही शेयर ट्रांसफर किए। हद तो तब हो गई जब कंपनी के बैंक खातों और रोजाना के लेन-देन का कोई भी हिसाब देने से पूरी तरह मना कर दिया गया।

टेबल पर बंदूक और ‘जिंदा रहना है कि नहीं?’ की धमकी

इस ठगी का सबसे खतरनाक पहलू तब सामने आया जब पीड़ित डॉक्टर दंपती ने अपने पैसों का हिसाब और रिफंड मांगना शुरू किया। डॉ. नवीन कुमार जब बात करने के लिए अस्पताल पहुंचे, तो बैठक के दौरान आरोपी रंजन डीक्रूज (डॉ. नेहा अनुपमा शीतल के पति) ने उनके सामने टेबल पर सीधे बंदूक रख दी। रंजन डीक्रूज ने बंदूक का डर दिखाते हुए बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि “जिंदा रहना है कि नहीं? जो करना है कर लो, ना हिसाब देंगे, ना ही पैसा देंगे।” इसके बाद बंदूक के दम पर भारी दबाव बनाकर पीड़िता से एक ‘एग्जिट मेल’ भी करवा लिया गया ताकि वे कानूनी रूप से बच सकें।

15 मार्च के पत्र से खुला बड़ा वित्तीय खेल

इस बीच, 15 मार्च 2023 को शेयरधारकों का एक पत्र पीड़ित परिवार के हाथ लगा, जिसने इस धोखाधड़ी की पुष्टि कर दी। जिस अस्पताल के नाम पर पीड़िता से पूरे ₹54 लाख वसूले गए थे, उस आधिकारिक पत्र में उनकी 5% हिस्सेदारी की कीमत सिर्फ ₹10 लाख दिखाई गई थी। जब इस भारी हेराफेरी को लेकर आरोपी पीयूष कुमार से सवाल किया गया, तो उसने पीड़िता के पति के साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट पर उतारू हो गया।

थाने में गुहार, पुलिस जांच में जुटी

लगातार मिल रही धमकियों और भारी मानसिक तनाव के बाद पीड़िता प्रीति कुमारी ने चुटिया थाना प्रभारी को आवेदन चार लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है। इनमें पीयूष कुमार, डॉ. डेनिस जेस, डॉ. नेहा अनुपमा शीतल, रंजन डीक्रूज (पति: डॉ. नेहा अनुपमा शीतल) शामिल है। पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।

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