सीबीआई की प्रारंभिक जांच में खुलासा:सुप्रीम कोर्ट के वकील से मिलाने के लिए एसपी नौशाद आलम ने कराया था विजय हांसदा का टिकट, ईडी ने साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम को किया समन, 22 नवंबर को होगी पूछताछ….

–21 अगस्त को धनबाद से दिल्ली गया था विजय हांसदा, सीबीआई की प्रारंभिक जांच में हो चुका है खुलासा

–बढ़ सकती है एसपी नौशाद आलम की परेशानी

–टिकट कराने वाले सार्जेंट से भी ईडी कर सकता है जल्द पूछताछ

–विजय हांसदा के मामले में एसटी एससी कांड सख्या 6/22 को किया असत्य..

राँची।अवैध खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गवाह रहे विजय हांसदा मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। ईडी ने 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में विजय हांसदा को मदद करने के आरोप में साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम को पूछताछ के लिए समन किया है। उन्हें 22 नवंबर को पूछताछ के लिए राँची स्थित ईडी कार्यालय बुलाया गया है। नौशाद आलम पर आरोप है कि उन्होंने अवैध खनन के अहम गवाह रहे विजय हांसदा को गवाही से मुकरने के लिए दबाव बनाया। नौशाद आलम ने नियम विरुद्ध जाकर उसकी मदद की। इसी मामले में हाई कोर्ट के आदेश पर प्रारंभिक जांच कर रही सीबीआई ने भी अपनी जांच में इसकी पुष्टि की है। गवाही से मुकरने के मामले में विजय हांसदा ने नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता की भी मदद ली थी। विजय हांसदा के नई दिल्ली जाने और वहां से आने के लिए ट्रेन का टिकट साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम ने कराया था। एसपी ने राँची पुलिस केंद्र के सार्जेंट से भी ट्रेन का टिकट बुक कराया था। इसका खुलासा सीबीआई के प्रांरभिक अनुसंधान में हो गया है।

विजय हांसदा 21 अगस्त को ट्रेन से गया था दिल्ली

सीबीआई ने मामले के अनुसंधान के दौरान विजय हांसदा के अंगरक्षक अजय कुमार का भी बयान लिया था। सीबीआई को छानबीन में पता चला कि विजय हांसदा ने नई दिल्ली के लिए धनबाद से 21 अगस्त को ट्रेन पकड़ा था। वह नई दिल्ली से अधिवक्ता से मिलने के बाद 23 अगस्त को वापस हुआ था। इस यात्रा के लिए ट्रेन का टिकट एसपी नौशाद आलम ने राँची पुलिस केंद्र के सार्जेंट से बुक कराया था। अब ईडी इस मामले में नौशाद आलम से पूछताछ के बाद उक्त सार्जेंट से भी जल्द ही पूछताछ कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता से मिलने के लिए विजय हांसदा ने राँची के एक वकील से लिया था सहयोग

सीबीआई ने अनुसंधान के क्रम में यह भी पाया है कि राँची के एक अधिवक्ता ने ही सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता से विजय हांसदा की मुलाकात कराई थी। गवाही से मुकरने में क्या प्रक्रिया अपनाया जाएगा, इसकी पूरी योजना बनाई गई थी। हालांकि, राँची वाले अधिवक्ता ने सीबीआई के सामने इसके एवज में किसी तरह का भुगतान लिए जाने से इंकार किया है।

अवैध खनन मामले में विजय हांसदा ने पहले ईडी को जानकारी दी थी

साहिबगंज के नींबू पहाड़ पर पंकज मिश्रा व उनके सहयोगी अवैध खनन कर रहे हैं इसकी जानकारी विजय हांसदा ने ईडी को दी थी। इसके बाद ही ईडी ने उसे अपना गवाह बनाया था। विजय हांसदा ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अवैध खनन रोकने की कोशिश की तो पंकज मिश्रा के सुरक्षा गार्ड ने मारपीट कर भगा दिया था। सभी एके-47 लिए हुए थे। उसने स्थानीय पुलिस में भी इसकी शिकायत की थी और हाई कोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी। लेकिन विजय हांसदा बाद में अपना बयान वापस ले लिया और कहा कि याचिका उसने दाखिल नहीं की थी। विजय हांसदा से इस मामले में ईडी के अधिकारियों ने पूछताछ की तो उसने राँची के धुर्वा थाने में इससे संबंधित एक केस भी दर्ज करा दिया। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद पूरे मामले की प्रारंभिक जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। सीबीआई का अनुसंधान जारी है।

विजय हांसदा द्वारा किया गया केस को साहिबगंज एसपी ने किया असत्य

इधर सूत्रों से जानकारी मिली है कि साहिबगंज के नींबू पहाड़ पर पंकज मिश्रा व उनके सहयोगी अवैध खनन कर रहे हैं। विजय हांसदा ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अवैध खनन रोकने की कोशिश की तो पंकज मिश्रा के सुरक्षा गार्ड ने मारपीट कर भगा दिया था।उसके बाद विजय हांसदा ने एसटी एससी थाना में पंकज मिश्रा सहित कई लोगों पर मामला दर्ज कराया था।अब जानकारी मिल रही है कि एसटी एससी कांड संख्या 6/22 को साहिबगंज एसपी ने असत्य कर दिया।इस मामले में भी ईडी एसपी से पूछताछ कर सकती है।सूत्रों से प्राप्त जानकारी मिली है कि सीबीआई की जांच पड़ताल जारी है लेकिन इसी बीच केस को असत्य करार कैसे साहिबगंज एसपी ने कर दिया है ?इस सम्बंध में ईडी के पुछताछ में खुलासा हो सकता है।

 

 

वायरल ऑडियो आ चुका है सामने जांच कर रहा है ईडी

पूर्व में एक एक आडियो वायरल हुआ था। उक्त अॉडियों में विजय हांसदा गवाही से नहीं मुकरने के एवज में दूसरे पक्ष से रुपयों की मांग कर रहा था। ईडी उक्त वायरल ऑडियो की सच्चाई खंगाल रहा है। इसके अतिरिक्त ईडी ने अपने सर्विलांस, टेक्निकल इनपुट व अन्य छानबीन के आधार पर यह पाया कि विजय हांसदा को मुकरने के लिए दबाव बनाने में एसपी साहिबगंज भी एक अहम कड़ी हैं, जिनसे पूछताछ आवश्यक है। इसके बाद ही ईडी ने उन्हें समन किया है।