दो शहरों में गोलीबारी करने वाले राहुल दुबे गिरोह पर राँची पुलिस का बड़ा एक्शन, सौरभ का हाफ एनकाउंटर; पांच अपराधी गिरफ्तार…

 

हजारीबाग के होटल और राँची के कांके में कोयला कारोबारी के घर फायरिंग कर दहशत फैलाने के बाद धुर्वा के सीठियो में पुलिस से भिड़े अपराधी, जवाबी कार्रवाई में सौरभ को लगी गोली; लग्जरी कारों में रील बनाने से लेकर आपराधिक गिरोह खड़ा करने तक चर्चा में आया सौरभ साहू उर्फ विलेन कई गैंग के लिए काम करने की भी सूचना..

राँची। हजारीबाग और राँची में लगातार दो गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने वाले राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ राँची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को धुर्वा थाना क्षेत्र के सीठियो में अपराधियों की घेराबंदी करने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गिरोह का एक अपराधी सौरभ कुमार उर्फ सौरभ साहू उर्फ विलेन गोली लगने से घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने घायल सौरभ समेत गिरोह के कुल पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन पिस्टल, गोलियां, मैगजीन, मोबाइल फोन और एक स्विफ्ट कार बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ बड़ी चोट माना जा रहा है।

दरअसल, गुरुवार की रात हजारीबाग के मटवारी स्थित एके इंटरनेशनल होटल के बाहर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। इसके बाद शुक्रवार की अहले सुबह करीब 3:40 बजे राँची के कांके इलाके में भी कोयला कारोबारी के घर को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की गई। लगातार दो जिलों में हुई इन घटनाओं ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी थी। दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस को सूचना मिली कि गोलीबारी की घटनाओं में शामिल अपराधी राँची के रिंग रोड और धुर्वा इलाके में सक्रिय हैं।

सीठियो में घेराबंदी, पुलिस पर फायरिंग और फिर जवाबी कार्रवाई

सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने धुर्वा के सीठियो इलाके में अपराधियों की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, खुद को चारों तरफ से घिरा देख अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। इस दौरान सौरभ उर्फ विलेन को गोली लगी। गोली लगने के बाद वह मौके पर ही घायल हो गया और पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने उसके चार अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अपराधियों में सौरभ कुमार उर्फ विलेन, आदित्य कुमार उर्फ कुंदन, ऋषभ कुमार, गुड्डू मिश्रा और मोहित पासवान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी राहुल दुबे गिरोह से जुड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हैं। पुलिस अब इनकी आपराधिक गतिविधियों, आपसी संबंधों और अन्य वारदातों में संलिप्तता की जांच कर रही है।

तीन पिस्टल, गोलियां और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से तीन पिस्टल, गोलियां, मैगजीन और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा एक स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल अपराधियों द्वारा किया जा रहा था। एक चोरी की बाइक मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस बरामद हथियारों और वाहनों के संबंध में जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल किन-किन आपराधिक घटनाओं में किया गया है। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में गिरोह की अन्य गतिविधियों और सहयोगियों के बारे में भी अहम जानकारी मिल सकती है।

छोटे होटल से लग्जरी कारों और फिर अपराध की दुनिया में चर्चा में आया सौरभ

इस पूरे मामले में सौरभ का नाम खास चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी और सूत्रों के अनुसार, धुर्वा बस स्टैंड के आसपास रहने वाला सौरभ पहले छोटा-मोटा होटल चलाता था। बताया जाता है कि इसके बाद वह धीरे-धीरे आपराधिक गतिविधियों से जुड़ता चला गया। कुछ ही समय में लग्जरी कारों के साथ सोशल मीडिया पर रील बनाने और अपने आसपास युवकों की टोली तैयार करने को लेकर उसकी चर्चा होने लगी। देखते ही देखते उसने कई युवकों को अपने साथ जोड़ लिया और एक गिरोह खड़ा कर लिया।

सूत्रों का दावा है कि सौरभ का नेटवर्क केवल गोलीबारी तक सीमित नहीं था, बल्कि जुआ और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के साथ भी उसकी गतिविधियों की चर्चा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि वह झारखण्ड के कुछ अन्य आपराधिक गिरोहों के लिए काम करता था और अलग-अलग आपराधिक वारदातों में उसकी भूमिका की जांच की जा सकती है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

 रेस्टोरेंट से गिरोह के संचालन की भी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, सौरभ ने बालालोंग चौक के पास एक रेस्टोरेंट भी खोल रखा है। बताया जाता है कि रेस्टोरेंट के कारोबार के साथ-साथ वह अपने गिरोह की गतिविधियों का संचालन भी इसी नेटवर्क के जरिए करता था। गिरफ्तार किए गए चार अन्य युवक भी उसके संपर्क में रहकर काम करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सौरभ के साथ जुड़े युवकों की भूमिका क्या थी और हजारीबाग तथा कांके की गोलीबारी में किसने क्या जिम्मेदारी निभाई थी।

राहुल दुबे गिरोह से जुड़ाव की जांच, अन्य अपराधियों पर भी नजर

पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास, उनके आपसी संबंधों और अन्य आपराधिक कांडों में संभावित संलिप्तता की जांच की जा रही है। गिरोह के दूसरे सदस्यों की पहचान और उनकी गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों शहरों में हुई गोलीबारी के पीछे क्या वजह थी और इसके लिए किस स्तर पर साजिश रची गई थी।

फिलहाल पांचों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। मुठभेड़ में घायल सौरभ का इलाज कराया जा रहा है। राँची पुलिस की इस कार्रवाई से हजारीबाग और राँची में गोलीबारी कर दहशत फैलाने वाले गिरोह को बड़ा झटका लगा है।

 

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