राँची में दो हत्याकांड से उबाल, सड़क पर उतरे लोग: रामु उरांव हत्याकांड में NH-75 जाम, तो होटल कर्मी राहुल गोराई की हत्या के विरोध में पिठौरिया चौक पर प्रदर्शन

 

 

राँची। राजधानी राँची में एक ही रात हुई दो हत्याओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों के गुस्से को सड़क पर ला दिया है। मांडर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर 55 वर्षीय रामु उरांव की हत्या के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने ब्राम्बे चौक के समीप एनएच-75 को जाम कर दिया। वहीं, पिठौरिया थाना क्षेत्र में होटल कर्मी राहुल गोराई की हत्या के बाद आक्रोशित लोग पिठौरिया चौक पर उतर आये और सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोनों घटनाओं में स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। एक तरफ ग्रामीण मृतक का शव लेकर सड़क पर बैठे रहे, तो दूसरी तरफ राहुल गोराई के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार करने और परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग उठने लगी। दोनों इलाकों में प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ और तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

रामु उरांव की हत्या से भड़का आक्रोश, शव के साथ NH-75 पर उतरे ग्रामीण

मांडर थाना क्षेत्र के सेवाडीह गांव निवासी रामु उरांव (55) की हत्या के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। दोपहर करीब डेढ़ बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के शव के साथ ब्राम्बे चौक पहुंचे और एनएच-75 को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर हत्या में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी समेत चार मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक चले जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।ग्रामीणों की चार प्रमुख मांगें थीं। पहली, रामु उरांव की हत्या में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाये। दूसरी, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाये। तीसरी, लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद का निपटारा कराया जाये। चौथी, परिवार को अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाये।सड़क जाम की सूचना मिलते ही खलारी डीएसपी, इंस्पेक्टर और मांडर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब एक घंटे बाद जाम समाप्त कर दिया।

पांच एकड़ जमीन के विवाद में गई रामु उरांव की जान
जानकारी के अनुसार, सेवाडीह गांव निवासी रामु उरांव की गुरुवार रात पांच एकड़ जमीन को लेकर चल रहे विवाद में हत्या कर दी गयी थी। आरोप है कि उन पर पहले गोली चलाई गयी और फिर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस हमले में उनकी मौत हो गयी। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। पुलिस ने प्राथमिकी में नामजद छह आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। इसी को लेकर शुक्रवार को लोगों ने सड़क पर उतरकर पुलिस-प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं।

राहुल गोराई हत्याकांड में भी फूटा गुस्सा, पिठौरिया चौक जाम
इधर, राजधानी के पिठौरिया थाना क्षेत्र में होटल कर्मी राहुल गोराई की हत्या ने भी स्थानीय लोगों को आक्रोशित कर दिया है। हत्या की खबर सामने आने के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग पिठौरिया चौक पर जमा हो गये और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाये और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाये।लोगों ने स्पष्ट किया कि जब तक हत्याकांड में शामिल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। चौक पर जाम के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

एक रात, दो हत्याएं और दो जगह सड़क पर उतरा आक्रोश
राजधानी में एक ही रात हुई दो हत्याओं के बाद मांडर और पिठौरिया में जिस तरह लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया, उसने इलाके की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। मांडर में पांच एकड़ जमीन के विवाद में रामु उरांव की हत्या के बाद ग्रामीण शव के साथ सड़क पर उतरे, जबकि पिठौरिया में होटल कर्मी राहुल गोराई की हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों ने चौक जाम कर दिया।दोनों घटनाओं में मृतकों के परिवारों के लिए न्याय, आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग प्रमुखता से उठी है। फिलहाल दोनों इलाकों में लोगों की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। एक ही रात में दो हत्याओं से उपजा यह आक्रोश राजधानी में अपराध के खिलाफ बढ़ती बेचैनी को साफ तौर पर दर्शाता है।

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