लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर ओडिशा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पुरी से बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार; भारत में फर्जी आधार कार्ड से रह रही थी..

 

राँची/भुवनेश्वर। लखनऊ स्थित मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त एक सटीक और गोपनीय इनपुट के आधार पर ओडिशा पुलिस ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, विशेषकर बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत पुरी जिले से एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया गया है, जो कथित रूप से लंबे समय से बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत में रह रही थी और फर्जी भारतीय पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर रही थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 10 जुलाई को पुरी जिले के पिपिली थाना क्षेत्र के दनोगहीर गांव में एक गुप्त सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने रुक्सार बेगम नाम की महिला को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला के पास भारत में रहने के लिए न तो वैध वीजा था और न ही कोई अधिकृत यात्रा दस्तावेज।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी महिला ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों में भारतीय नामों से तैयार किए गए कथित फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रही थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन दस्तावेजों को तैयार करने में किन लोगों या नेटवर्क की भूमिका रही और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।

प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि महिला पहले भी राज्य में कई संदिग्ध और गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़ी रही हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन गतिविधियों की प्रकृति का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं थी।

गिरफ्तारी के बाद पुरी पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए महिला को होल्डिंग सेंटर में भेज दिया है। अब उसके नागरिकता संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और विदेशी नागरिकों से जुड़े विभागों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है। जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के बाद ओडिशा पुलिस ने राज्य के विभिन्न जिलों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन का अभियान तेज कर दिया है। विशेष रूप से तटीय जिलों, औद्योगिक क्षेत्रों और बड़े शहरों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस उन लोगों और एजेंटों की भी तलाश कर रही है, जिन्होंने कथित रूप से फर्जी पहचान पत्र बनवाने या अवैध रूप से रहने में सहायता की हो।

 

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