बड़गाईं जमीन घोटाला: 17 में से 14 आरोपियों पर अदालत ने तय किए आरोप, हेमंत सोरेन समेत तीन को फिलहाल राहत

 

राँची।चर्चित बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग तीन साल बाद पीएमएलए की विशेष अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने मामले के 17 आरोपियों में से 14 के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राजकुमार पाहन के खिलाफ फिलहाल आरोप तय नहीं किए गए, क्योंकि उनकी ओर से समय मांगा गया था। अदालत ने इन तीनों के मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त निर्धारित की है।

यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ईसीआईआर संख्या 06/2023 से जुड़ा है, जिसे 26 फरवरी 2023 को दर्ज किया गया था। जांच सदर थाना कांड संख्या 272/2023 और पूर्व में प्राप्त सूचनाओं के आधार पर शुरू की गई थी। विस्तृत जांच और पूरक अभियोजन शिकायतों के बाद अदालत ने 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।

ईडी का आरोप है कि सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और उन्होंने बरियातू-बड़गाईं क्षेत्र की गैर-हस्तांतरणीय भुईंहरी जमीन का अवैध तरीके से सौदा किया। जांच के दौरान जब्त डायरियों में करोड़ों रुपये के नकद लेन-देन के उल्लेख मिले हैं। साथ ही, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बैंक खातों की जांच में आरोपियों के बीच आर्थिक लेन-देन और आपसी साठगांठ के प्रमाण मिलने का दावा किया गया है।

जिन 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं:
भानु प्रताप प्रसाद (पूर्व राजस्व उप निरीक्षक), तपस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, आनंद तिर्की उर्फ अंतु तिर्की, अफसर अली, मो. इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रिया रंजन सहाय, बिपिन सिंह, बिजेंद्र सिंह, संजीत कुमार और मोहम्मद इरशाद।

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