चिरकुंडा में अवैध लॉटरी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, जर्जर क्वार्टर से करोड़ों की लॉटरी और हाईटेक प्रिंटिंग प्रेस जब्त

चिरकुंडा। धनबाद जिले के चिरकुंडा थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम पुलिस ने अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। बाबूडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के जर्जर दो मंजिला क्वार्टर में चल रहे गुप्त प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित लॉटरी बरामद की। मौके से अत्याधुनिक प्रिंटिंग मशीनें, कटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और भारी मात्रा में छपाई सामग्री जब्त की गई।
छापेमारी के दौरान लेदाहरिया निवासी स्वरूप मल्लिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य सरगना प्रकाश और भानु समेत अन्य आरोपी फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
एसडीपीओ लीलेश्वर महतो को सूचना मिली थी कि जर्जर भवन में प्रतिदिन करोड़ों रुपये के अवैध लॉटरी टिकटों की छपाई और आपूर्ति की जा रही है। सूचना के आधार पर गठित टीम ने अचानक दबिश दी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।छापेमारी टीम में थाना प्रभारी आशुतोष कुमार, एसआई अर्जुन सिंह, पवन कुमार राणा, मुकेश कुमार, परिमल दत्ता सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे।
दो ट्रैक्टर में भरकर थाना लाया गया सामान
पुलिस ने मौके से दो बड़े प्रिंटर, आठ छोटे प्रिंटर, दो हैवी कटर मशीन, रंग, स्टीकर, दर्जनों बंडल कागज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जब्त सामग्री इतनी अधिक थी कि उसे दो ट्रैक्टरों में भरकर थाना लाना पड़ा।
झारखण्ड और बंगाल तक फैला था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां छपे लॉटरी टिकट कार, टेंपो और स्कूटर के जरिए झारखण्ड के जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो, राँची समेत पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर और वर्धमान तक भेजे जाते थे।
संगठित गिरोह और अंदरूनी रंजिश की चर्चा
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि इस अवैध कारोबार के पीछे दो संगठित गिरोह सक्रिय थे। यह भी कहा जा रहा है कि कारोबार में प्रतिस्पर्धा के चलते ही किसी प्रतिद्वंद्वी ने पुलिस को सूचना देकर छापेमारी करवाई।
निरसा में लघु उद्योग की तरह फैल चुका है अवैध कारोबार
सूत्रों के अनुसार, निरसा क्षेत्र में अवैध लॉटरी का कारोबार तेजी से फैल चुका है। निरसा बाजार, भलजोरिया रोड, पांडरा मोड़, चिरकुंडा, पंचेत, मैथन, सिंदरी मोड़, कालूबथान और बिरला ढाल समेत कई इलाकों में इसका नेटवर्क सक्रिय बताया जाता है। दावा किया जा रहा है कि प्रतिदिन करोड़ों रुपये की अवैध लॉटरी झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाई जाती है तथा हजारों एजेंट इस कारोबार से जुड़े हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रतिबंधित कंपनियों की लॉटरी बरामद
पुलिस ने छापेमारी में डीयर, यमुना, ड्रीम सहित कई प्रतिबंधित कंपनियों के लॉटरी टिकट बरामद किए हैं। जब्त लॉटरी का अनुमानित बाजार मूल्य डेढ़ से दो करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
एसडीपीओ लीलेश्वर महतो ने बताया कि पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध लॉटरी और उससे संबंधित उपकरण जब्त किए हैं। मामले में मुख्य सरगना समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि यहां प्रिंटिंग मशीनों के जरिए अवैध लॉटरी तैयार कर विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई की जाती थी। जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

