इश्क, जेल और जिद… प्रेमी सलाखों के पीछे, प्रेमिका ने संभाल लिया उसका घर…चतरा में तीन दिन तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा

चतरा।कहते हैं कि प्यार जब अपनी जिद पर उतर आए तो समाज, रिश्तेदार और कानून—सबकी कसौटी पर खड़ा हो जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा इन दिनों चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां एक प्रेम कहानी ने पूरे इलाके को चर्चा का विषय बना दिया है। गांव की गलियों से लेकर चौपाल तक हर जुबान पर सिर्फ एक ही कहानी है—प्रेमी जेल में है और प्रेमिका ने उसके घर को ही अपना ठिकाना बना लिया है।
शुक्रवार और शनिवार को गांव में ऐसा माहौल बना मानो किसी फिल्म की शूटिंग चल रही हो। लोग दूर-दूर से सिर्फ यह देखने पहुंच रहे थे कि आखिर वह युवती कौन है, जिसने अपने प्रेमी के जेल जाने के बाद उसके घर में रहने की जिद ठान ली है। रविवार को स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही, लेकिन पूरे गांव में चर्चा का दौर जारी रहा।
जानकारी के अनुसार, हंटरगंज थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव निवासी गौतम कुमार और बड़ीबीघा गांव की एक युवती के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों के रिश्ते की चर्चा पहले भी इलाके में होती रही थी। इसी बीच 27 जून को युवती की शिकायत पर हंटरगंज थाना में युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई तेज होती देख गौतम कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बताया जाता है कि जेल में प्रेमी से मुलाकात करने के बाद युवती ने ऐसा फैसला लिया, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया।
जेल से लौटते ही युवती सीधे अपने प्रेमी के घर पहुंच गई और वहीं रहने की जिद पर अड़ गई। लेकिन युवक के परिजनों ने उसे घर में रखने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद घटनाक्रम ने और भी नाटकीय मोड़ ले लिया। बताया जाता है कि युवती ने घर में ताला जड़ दिया और वहीं बैठ गई। उसने साफ शब्दों में कहा कि अब वह अपने प्रेमी के घर से कहीं नहीं जाएगी।
इस दौरान युवक के परिजन, गांव के कई सम्मानित लोग और युवती के माता-पिता उसे समझाने पहुंचे। घंटों तक समझाइश का दौर चलता रहा, लेकिन युवती अपने फैसले से एक इंच भी पीछे नहीं हटी। उसका कहना था कि यदि उसने जीवनभर साथ निभाने का फैसला किया है तो अब वह उसी घर में रहेगी।
मामले की सूचना मिलते ही हंटरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक युवती से बातचीत की और उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने अपना निर्णय बदलने से इनकार कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
इस बीच गांव के कुछ लोगों ने युवती के साहस की सराहना करते हुए उसका समर्थन भी किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वे उसकी मदद करेंगे। वहीं कुछ ग्रामीणों का मानना है कि इस पूरे मामले का समाधान कानूनी प्रक्रिया और दोनों परिवारों की सहमति से ही निकलना चाहिए।
फिलहाल गांव में माहौल शांत है, लेकिन यह अनोखी प्रेम कहानी हर किसी की जुबान पर है। प्रेम, कानून, सामाजिक मर्यादा और पारिवारिक रिश्तों के बीच उलझा यह मामला आने वाले दिनों में किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरे इलाके की नजर टिकी हुई है।

