एसएसपी राकेश रंजन का बयान: “जन शिकायत समाधान कार्यक्रम” से पुलिसिंग में आएगा सुधार, शुरू होगा ऑनलाइन पोर्टल…

​राँची।राँची के डोरंडा थाना में आयोजित ‘जन शिकायत समाधान कार्यक्रम’ में आम जनता की समस्याओं को सुनने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने मीडिया से बातचीत की।उन्होंने इस कार्यक्रम के महत्व, इसके उद्देश्यों और आने वाले समय में किए जाने वाले सुधारों पर विस्तार से जानकारी दी।

​पुलिस-पब्लिक संबंधों को मजबूत करना मुख्य उद्देश्य

​एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध होना हमेशा से जरूरी रहा है।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को थाना आने में या अपनी शिकायतें रखने में कोई डर महसूस न हो। साथ ही, शिकायत मिलने पर पुलिस अधिकारी किस तरह से तुरंत और सही प्रतिक्रिया (रिस्पॉन्स) देते हैं, यह भी देखा जा रहा है।

​हर बुधवार सभी थानों में लगेगा कैंप

​उन्होंने बताया कि यह राँची पुलिस द्वारा शुरू किया गया एक साप्ताहिक कार्यक्रम है, जो अब हर बुधवार को राँची के सभी थानों में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जैसे एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी रूरल, एसपी ट्रैफिक और सभी एडिशनल डीएसपी अलग-अलग थानों में खुद उपस्थित रहकर सीधे जनता से संवाद कर रहे हैं।

​शिकायतों के फॉलो-अप के लिए बनेगा ऑनलाइन पोर्टल

​मीडिया द्वारा शिकायतों के फॉलो-अप और कार्रवाई न होने से जुड़े सवाल पर एसएसपी ने स्वीकार किया कि कई बार सही तरीके से फॉलो-अप नहीं हो पाता है। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने की योजना बना रहा है:

​इस पोर्टल के माध्यम से शिकायतकर्ताओं को एक नंबर (टोकन नंबर) दिया जाएगा।

इस नंबर की मदद से लोग ऑनलाइन ही देख सकेंगे कि उनकी शिकायत पर पुलिस ने क्या एक्शन लिया है।

फिलहाल, इसके लिए हर थाने में एक फीडबैक रजिस्टर और रिसीविंग रजिस्टर अलग से रखवाया गया है ताकि हर मामले की रिपोर्ट  तैयार की जा सके।

​मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन और संगठित अपराध पर लगाम

​मुख्यमंत्री के निर्देशों का जिक्र करते हुए एसएसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रयास अपराध की घटनाओं में कमी लाना और किसी भी वारदात के होने पर उसका त्वरित उद्भेदन करना है।संगठित अपराध पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में इस दिशा में काफी काम हुआ है और इसमें कमी आई है, हालांकि धमकी के कुछ मामलों पर पुलिस लगातार अनुसंधान कर रही है।

​”पब्लिक के पास खुद चलकर जा रही है पुलिस”

​एसएसपी राकेश रंजन ने अंत में साफ किया कि वैसे तो अधिकारी हर दिन कार्यालय में बैठते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं, लेकिन इस विशेष कार्यक्रम का मूल उद्देश्य यह है कि पुलिस खुद सीनियर अधिकारियों के साथ चलकर जनता के पास पहुंचे, न कि जनता को परेशान होकर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ें. उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे-जैसे यह कार्यक्रम आगे बढ़ेगा और लोग इसके प्रति जागरूक होंगे, इसके और भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे.

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