पुलिस की मदद करना पड़ा भारी: वार्ड पार्षद को बीच सड़क पीटा, चेन और नकदी लूटकर फरार हुआ दबंग

चाईबासा।झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में एक वार्ड पार्षद के साथ सरेआम मारपीट और लूटपाट की घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पुलिस को एक व्यक्ति के घर का पता बताने की कीमत जनप्रतिनिधि को मारपीट, धमकी और लूट के रूप में चुकानी पड़ी। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।
मामला चाईबासा नगर परिषद के वार्ड संख्या-10 स्थित कुम्हारटोली का है। वार्ड पार्षद आलोक कुमार झा ने सदर थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि मोहल्ले के ही रहने वाले सोनल सिंह ने उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस को घर का पता बताया, भड़क उठा आरोपी
बताया गया कि 19 जून की दोपहर पार्षद आलोक झा अपने वार्ड में नालियों की सफाई और ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव कार्य की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान सदर थाना के एएसआई नौशाद आलम किसी जांच के सिलसिले में कुम्हारटोली पहुंचे और सोनल सिंह के घर का पता पूछा। जनप्रतिनिधि होने के नाते पार्षद ने पुलिस अधिकारी को घर का रास्ता बता दिया।
आरोप है कि कुछ देर बाद सोनल सिंह बाइक से मौके पर पहुंचा और पुलिस को अपना पता बताने की बात को लेकर आगबबूला हो गया। उसने पार्षद से बहस शुरू की और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
गले से चेन तोड़ी, मजदूरों की मजदूरी के पैसे भी छीने
एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने पार्षद के साथ हाथापाई करते हुए उनके गले से चांदी की चेन तोड़ ली। इतना ही नहीं, नाली सफाई में लगे मजदूरों को भुगतान करने के लिए रखे गए करीब पांच हजार रुपये भी छीन लिए। घटना के दौरान आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों के सामने हुई वारदात
घटना उस समय हुई जब कई मजदूर और स्थानीय लोग मौके पर मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के सामने हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत और नाराजगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि एक जनप्रतिनिधि भी खुलेआम सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
‘अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है आरोपी’
पार्षद आलोक कुमार झा ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि सोनल सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और क्षेत्र में उसका खौफ बना हुआ है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि खुलेआम जनप्रतिनिधि पर हमला करने के आरोपी तक पुलिस कब पहुंचती है।

