घर के भीतर सज रही थी नकली शराब की फैक्ट्री, पुलिस ने खोला राज
रामगढ़।झारखण्ड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के बंदा गांव में शुक्रवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ आलोक रंजन के नेतृत्व में हुई छापेमारी में एक मकान से संचालित अवैध शराब फैक्ट्री का खुलासा हुआ। मौके से भारी मात्रा में नकली शराब, विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर, खाली बोतलें, पैकिंग सामग्री और शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने एक कार भी जब्त की है।
कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बंदा गांव निवासी दो सगे भाई, अशोक साव और अनिल साव, लंबे समय से नकली शराब के कारोबार से जुड़े हुए थे। आरोप है कि उनके द्वारा तैयार की गई नकली शराब की आपूर्ति गोला, रजरप्पा मंदिर क्षेत्र और आसपास के कई इलाकों में की जाती थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में यह अवैध कारोबार वर्षों से संचालित हो रहा था। कई बार इसकी शिकायत प्रशासन और संबंधित विभागों तक पहुंचाई गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह नेटवर्क लगातार मजबूत होता गया।
गौरतलब है कि 10 मई को भी गोला थाना क्षेत्र के पत्थलगढ़ा गांव में नकली शराब निर्माण की मिनी फैक्ट्री का खुलासा हुआ था। उस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। महज 40 दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई ने क्षेत्र में फैले अवैध शराब कारोबार की गहराई को उजागर कर दिया है।
पुलिस पर भी उठ रहे सवाल
बंदा गांव में वर्षों से चल रहे इस कारोबार के उजागर होने के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो यह नेटवर्क इतना व्यापक नहीं बन पाता। अब लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार नकली शराब का कारोबार केवल गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई छोटे-बड़े होटल, ढाबों और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शराब किन-किन इलाकों में भेजी जाती थी और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस ने जब्त सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोगों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में एसडीपीओ आलोक रंजन, इंस्पेक्टर पंकज कुमार, थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, एसआई अमित कुमार, कुमार प्रभात रंजन, स्वामी रंजन ओझा, एएसआई बहादूर महतो, संजय गोराई समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

