अंधविश्वास बना मौत की वजह: ओझा-गुनी के शक में वृद्ध की कुल्हाड़ी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

 

लातेहार।जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव में हुए वृद्ध बिगन उरांव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह हत्या अंधविश्वास और ओझा-गुनी के शक के कारण की गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी चामू उरांव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले चितरपुर गांव निवासी बिगन उरांव की अज्ञात लोगों ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की गहन जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गांव के कुछ लोग बिगन उरांव पर ओझा-गुनी करने का आरोप लगाते थे। इसी आधार पर जब पुलिस ने गांव के रहने वाले चामू उरांव से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके परिवार के कई सदस्य लगातार बीमार पड़ रहे थे और कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी थी। इसी कारण उसे संदेह था कि बिगन उरांव तंत्र-मंत्र और ओझा-गुनी के जरिए उसके परिवार को नुकसान पहुंचा रहा है। इसी शक में उसने हत्या की साजिश रची।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले जब बिगन उरांव अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल गया था, तब वह पहले से वहां घात लगाकर बैठा था। मौका मिलते ही उसने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर वृद्ध की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।

बालूमाथ थाना प्रभारी अमित कुमार रविदास ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह अंधविश्वास से प्रेरित थी। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ओझा-गुनी, डायन-बिसाही जैसी मान्यताओं के कारण कानून हाथ में न लें। किसी भी बीमारी या परेशानी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लें और अंधविश्वास फैलाने वालों से सतर्क रहें। पुलिस ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी।

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