गुमला: दो नाबालिग चचेरी बहनों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में नौ दोषियों को 20-20 साल की सजा…
गुमला।झारखण्ड के गुमला में पांच वर्ष पुराने बहुचर्चित दो नाबालिग चचेरी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में शनिवार को गुमला की एडीजे-4 अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए नौ दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी।अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उन्हें एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।यह फैसला एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने सुनाया।
सजा पाने वालों में समीन असुर, सन्नी देवल भगत, धर्मचंद भगत, सतीश भगत, सोमेश्वर भगत, अर्जुन उरांव, संजय उरांव, महेश उरांव और प्रेमचंद भगत शामिल हैं।मामले का एक अन्य आरोपी मुकदमे के दौरान ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुका था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह जघन्य घटना 15 अक्टूबर 2021 की है। उस दिन बिशुनपुर प्रखंड के गुरदरी थाना क्षेत्र के एक गांव में दशहरा मेला आयोजित किया गया था। मेला देखने के बाद दो नाबालिग आदिवासी चचेरी बहनें अपने भाई के साथ घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। बताया गया कि आरोपियों ने पहले दोनों बहनों के साथ मौजूद भाई के साथ मारपीट की और उसे वहां से भगा दिया।इसके बाद दोनों नाबालिग बहनों को कब्जे में लेकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
घटना के दौरान किसी तरह बचकर निकले भाई ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को पूरी जानकारी दी।ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। घटना की सूचना मिलने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था। पीड़ित परिवार की शिकायत पर गुरदरी थाना में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मामले की जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। सरकारी पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक (एपीपी) सुधीर टोप्पो ने प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने सभी नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनायी।

