राँची में युवक की फांसी से मौत के बाद पिता का सनसनीखेज आरोप-युवती,उसकी सहेली और भाई पर केस दर्ज….

 

 

राँची।राँची में एक 18 वर्षीय युवक की आत्महत्या ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। लोअर बाजार थाना क्षेत्र के नजीर अली लेन निवासी मोनु कुमार के पुत्र करण शर्मा ने 11 मई को सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। अब इस मामले में मृतक के पिता के लिखित आवेदन पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। सुखदेवनगर थाना में दर्ज कांड संख्या 177/26 के तहत मुस्कान, उसके भाई और उसकी सहेली  को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। इन पर आरोप है कि तीनों ने मिलकर करण शर्मा को पिछले तीन-चार महीनों से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके कारण वह इतना परेशान हो गया कि उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।

घटना 11 मई की सुबह करीब 11:30 बजे की है, जब करण अपने कमरे में था। परिजनों के अनुसार, काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए—करण छत के पंखे से लटका हुआ था। आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब परिजनों ने करण का मोबाइल खंगाला। पिता मोनु कुमार के अनुसार, मोबाइल से पता चला कि मुस्कान कुमारी गुप्ता और उसके परिजनों द्वारा करण को लंबे समय से अपने जाल में फंसाकर परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि युवती के भाई ने करण को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 15 मार्च 2026 को 10 हजार रुपये ऑनलाइन मंगवाए थे। इसके बाद लगातार अलग-अलग समय पर 5 हजार, 10 हजार और 15 हजार रुपये तक की रकम ली जाती रही।

पिता ने बताया कि उनका पुत्र अक्सर पैसे मांगता था, लेकिन वह यह नहीं समझ पाए कि आखिर उसे इतनी रकम की जरूरत क्यों पड़ रही है। धीरे-धीरे करण तनाव में रहने लगा और काफी हताश दिखता था। आरोप यह भी है कि मुस्कान, उसकी सहेली और भाई फोन पर लगातार दबाव बनाते थे, जिसकी रिकॉर्डिंग भी परिवार के पास मौजूद है और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सौंपी जाएगी। मोनु कुमार ने अपने आवेदन में साफ तौर पर कहा है कि तीनों आरोपियों ने मिलकर उनके बेटे को मानसिक और आर्थिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि उसने मजबूर होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में सुखदेवनगर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और कथित ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने लाई जा सके। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ प्रेम और विश्वास के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप है, तो दूसरी ओर एक युवा जिंदगी के खत्म हो जाने का दर्दनाक सच। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर करण की मौत के पीछे की असली वजह क्या थी और आरोपियों की भूमिका कितनी गंभीर है।

error: Content is protected !!