आठ अर्थियां पहुंचीं तो फूट पड़ा गांव का दर्द, मुआवजे की मांग पर शव रखकर एनएच-23 किया जाम
रामगढ़/चितरपुर।एक ही गांव से आठ लोगों की अर्थियां पहुंचीं तो मारंगमरचा का माहौल चीख-पुकार और मातम से गूंज उठा। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शव गांव पहुंचे, हर घर से रोने-बिलखने की आवाजें आने लगीं। अपनों को खोने का गम पूरे गांव पर भारी पड़ गया। हर आंख नम थी और पूरा इलाका शोक में डूबा नजर आया।
गुरुवार देर रात रामगढ़-बोकारो मार्ग पर बारलोंग गांव के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में मारंगमरचा निवासी अशोक डोम (43), शक्ति राम (35), पप्पू करमाली (18), डेविड करमाली (28), पवन कुमार करमाली (27), अनोद कुमार (31), बलसगरा कथेरवा निवासी पिकअप चालक हेमंत कुमार महतो (28) तथा मनीष कुमार (22) की दर्दनाक मौत हो गई थी। सभी ताशा पार्टी के साथ पिकअप वाहन से बिहार के गया जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने बारलोंग के पास पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
शव गांव पहुंचते ही आक्रोश भी फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने सभी शवों को मारंगमरचा के समीप एनएच-23 पर रखकर सड़क जाम कर दी। उनकी मांग थी कि मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा दुर्घटना संभावित इस सड़क पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।
जाम की सूचना मिलते ही रामगढ़ विधायक ममता देवी, कांग्रेस नेता शहजादा अनवर, भाजपा के जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, आजसू जिलाध्यक्ष दिलीप दांगी, पीयूष चौधरी, जेएलकेएम नेता पनेश्वर महतो, संतोष महतो सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। सभी ने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और सरकार से तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग की।
वहीं रामगढ़ एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की, एसडीपीओ (गोपनीय) रवींद्र गुप्ता, एसडीपीओ आलोक रंजन, सीओ दीपक मिंज सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल व जाम स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग रहे।
दुर्घटनास्थल का डीसी-एसपी ने लिया जायजा:
इधर,रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज, एसपी मुकेश कुमार लूणायत तथा डीटीओ राजेश एक्का ने बारलोंग स्थित दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर सड़क की तकनीकी खामियों का आकलन किया। उपायुक्त ने एनएचएआई के इंजीनियरों को दुर्घटना संभावित स्थल पर चेतावनी संकेतक, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

