राँची की सड़कें होंगी और बेहतर… झारखण्ड के हस्तशिल्प को मिलेगा देशभर में नया बाजार

 

राँची।झारखण्ड में एक ओर राजधानी रराँची की सड़क व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, वहीं दूसरी ओर राज्य के पारंपरिक वस्त्र और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी भी तेज हो गई है।करीब 177.25 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी के लिए झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकरण ने अथॉरिटी इंजीनियर (परामर्शी एजेंसी) के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत विवेकानंद स्कूल मोड़ से रिंग रोड तक हाईकोर्ट और विधानसभा मार्ग होते हुए 6.09 किलोमीटर सड़क को छह लेन में विकसित किया जाएगा। वहीं, नया सराय आरओबी से रिंग रोड तक 2.12 किलोमीटर लिंक रोड का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इच्छुक एजेंसियां 29 जून से 20 जुलाई तक ई-टेंडर पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगी, जबकि तकनीकी प्रस्ताव 21 जुलाई को खोले जाएंगे।

उधर, झारखण्ड सरकार का उद्योग विभाग राज्य के बुनकरों, हस्तशिल्पियों और सूक्ष्म उद्यमियों को बड़ा मंच देने की तैयारी में है। 14 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले ‘भारत टेक्स 2026’ में ‘झारखण्ड पवेलियन’ स्थापित किया जाएगा। इस पवेलियन में राज्य के वस्त्र, हथकरघा, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक उनकी पहुंच बनेगी। पवेलियन के डिजाइन, सज्जा और संचालन के लिए 3 जुलाई तक ऑनलाइन प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जबकि तकनीकी प्रस्ताव 6 जुलाई को खोले जाएंगे।

इन दोनों पहलों से एक तरफ राँची के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, तो दूसरी ओर झारखण्ड के पारंपरिक उत्पादों को नए बाजार और निवेश के अवसर मिलने की उम्मीद है।

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