राँची में टाइगर मोबाइल के जवानों ने साधा निशाना, जैप-1 ग्राउंड में हुआ फायरिंग अभ्यास; पुलिसकर्मियों की बढ़ाई जा रही ऑपरेशनल क्षमता

 

राँची। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राँची पुलिस लगातार अपने जवानों की दक्षता बढ़ाने में जुटी है। इसी कड़ी में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को जैप-1 ग्राउंड, बरियातू, राँची में टाइगर मोबाइल में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों के साथ-साथ जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों का छोटे हथियारों से फायरिंग अभ्यास कराया गया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देश पर आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को हथियारों के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल के साथ-साथ विषम परिस्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना है। अभ्यास के दौरान जवानों और अधिकारियों ने निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए फायरिंग का अभ्यास किया।

फायरिंग अभ्यास में पुलिसकर्मियों को छोटे हथियारों के सुरक्षित संचालन, लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने और आवश्यकता पड़ने पर तेजी से प्रभावी प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण दिया गया। अभ्यास के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि पुलिसकर्मी वास्तविक ड्यूटी के दौरान किसी भी आपात स्थिति में संयम और अनुशासन के साथ हथियारों का इस्तेमाल कर सकें।

राँची पुलिस की ओर से इस प्रशिक्षण को पुलिस बल की फायरिंग दक्षता और ऑपरेशनल तत्परता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर टाइगर मोबाइल के जवान शहर में लगातार गश्त और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालते हैं। ऐसे में किसी भी आकस्मिक स्थिति में उनकी त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर हथियार संचालन क्षमता काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के सामने अलग-अलग तरह की परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। अपराधियों से मुठभेड़, अचानक उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति अथवा किसी अन्य आपात परिस्थिति में पुलिसकर्मियों को तत्काल निर्णय लेने की जरूरत होती है। ऐसे में नियमित प्रशिक्षण और फायरिंग अभ्यास से उनके आत्मविश्वास और दक्षता को मजबूत किया जा सकता है।इसी उद्देश्य से राँची पुलिस द्वारा पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों के लिए नियमित प्रशिक्षण, अभ्यास और कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। फायरिंग अभ्यास के जरिए पुलिसकर्मियों की हथियार संचालन क्षमता, निशानेबाजी, अनुशासन, आत्मविश्वास और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।

वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देश के बाद पुलिस बल के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को समय-समय पर अलग-अलग तरह के अभ्यास और प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, ताकि वे बदलती परिस्थितियों और अपराध की चुनौतियों से निपटने के लिए हर समय तैयार रहें।

राँची पुलिस का मानना है कि नियमित प्रशिक्षण से पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ती है और जवान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर पाते हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को आयोजित फायरिंग अभ्यास को भी पुलिस बल की ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के नियमित अभ्यास का सीधा उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। आने वाले समय में भी पुलिसकर्मियों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखने पर जोर दिया जाएगा।

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