कुर्सी छोड़ी, अब CID के सवालों की बारी… JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे से खलबली…

राँची।झारखण्ड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर मचा घमासान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। आयोग के तीन वरिष्ठ सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और डॉ. अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों ने अपना त्यागपत्र झारखण्ड के राज्यपाल को दिया है।एक तरफ आयोग के भीतर एक साथ तीन सदस्यों के इस्तीफे से प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है, तो दूसरी तरफ CID की जांच भी अब JPSC के शीर्ष स्तर तक पहुंच चुकी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर पहले से ही अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों का विरोध जारी था। पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग के बीच तीन सदस्यों का एक साथ इस्तीफा कई सवाल खड़े कर रहा है।
कल से शुरू होगी पूछताछ, तीन दिन—तीन सदस्य
JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID अब आयोग के तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगी।सोमवार: डॉ. अजीता भट्टाचार्य,मंगलवार: डॉ. अनिमा हांसदा और बुधवार: डॉ. जमील अहमद
CID के अनुसार, जरूरत पड़ने पर तीनों को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।इससे पहले जांच टीम JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से चार दिनों तक पूछताछ कर चुकी है। ऐसे में अब मौजूदा रहे तीन सदस्यों से पूछताछ को जांच की दिशा में अहम कड़ी माना जा रहा है।
रिमांड पर दो लोगों से भी लगातार पूछताछ
इधर, JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में रिमांड पर लिए गए मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और JPSC की परीक्षाएं संचालित करने वाली एजेंसी TDPL के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से भी CID की पूछताछ जारी है।शनिवार को दोनों पांच दिनों की रिमांड के दूसरे दिन CID के सवालों का सामना कर रहे थे।जांच के दौरान रक्षक सिंह को लेकर भी महत्वपूर्ण कड़ी सामने आने की बात कही जा रही है। वह JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों में शामिल रहा है। वहीं धर्मेंद्र कुमार के संबंध पूर्व में गिरफ्तार TDPL के तत्कालीन मैनेजर मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी और उससे जुड़े लोगों के साथ होने की बात जांच में सामने आई है। जांच एजेंसी JPSC के कुछ बड़े अधिकारियों से उसकी कथित नजदीकियों के एंगल को भी खंगाल रही है।
पूछताछ में खुल रहे हैं ‘राज’, आगे और गिरफ्तारियां?
CID की पूछताछ में दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों को क्रॉस-चेक किया जा रहा है।जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग जुड़े थे और इसकी पहुंच JPSC के किस स्तर तक थी।
अगर जांच में नए साक्ष्य सामने आते हैं, तो आने वाले दिनों में कुछ और लोगों पर कार्रवाई या गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।वहीं, JPSC के तीन सदस्यों का एक साथ इस्तीफा और उसके तुरंत बाद CID की पूछताछ ने पूरे मामले को और गर्म कर दिया है। अभ्यर्थियों की नजर अब CID की जांच पर है।

