गुमला: अंतरराज्यीय कोरई गैंग का सफाया, सोना लूट के दो बड़े कांड का खुलासा… 11 अपराधी गिरफ्तार, हथियार-सोना-चांदी और नकदी बरामद

 

गुमला।झारखण्ड के गुमला पुलिस ने अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह ‘कोरई गैंग’ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह झारखण्ड समेत कई राज्यों में चोरी, छिनतई और लूट की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस की इस कार्रवाई से गुमला जिले में सोना कारोबारियों से हुई लूट की दो बड़ी घटनाओं का भी खुलासा हुआ है।पुलिस के अनुसार, पालकोट और घाघरा थाना क्षेत्र में सोना व्यापारी को निशाना बनाकर की गई लूट की दोनों घटनाओं के पीछे इसी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों का हाथ था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के बारे में अहम सुराग मिले, जिसके बाद लगातार छापेमारी कर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

गुमला के एसपी हारीश बिन जमां के निर्देश पर पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पालकोट थाना क्षेत्र के बिल्डिंगबीरा इलाके में छापेमारी की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया।पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर 4 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह पुलिस ने कुल 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से बड़ी मात्रा में लूट और चोरी से संबंधित सामान बरामद किया है। बरामदगी में करीब 70 ग्राम सोना,करीब डेढ़ किलो चांदी,करीब 1 लाख 70 हजार रुपये नकद,एक देशी पिस्तौल,दो देसी कट्टा,कई मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल और अन्य संदिग्ध सामान शामिल हैं।बरामद हथियारों से पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने किन-किन वारदातों में हथियारों का इस्तेमाल किया था।

कई राज्यों में फैला था अपराध का नेटवर्क
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कोरई गैंग का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर चोरी, छिनतई और लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे और वारदात के बाद इलाके से फरार हो जाते थे।
गुमला में सोना कारोबारियों को निशाना बनाने के बाद पुलिस ने जब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं तो इस अंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंच बनी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के दूसरे सदस्यों और पूर्व में अंजाम दी गई वारदातों की जानकारी जुटा रही है।

अभी कुछ छोटे सदस्य फरार
गुमला एसपी हारीश बिन जमां ने बताया कि गिरोह के कुछ छोटे सदस्य अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।पुलिस को उम्मीद है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह की गतिविधियों और जिले के अलावा दूसरे राज्यों में हुई अन्य आपराधिक घटनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।अंतरराज्यीय गिरोह के 11 सदस्यों की गिरफ्तारी और सोना-चांदी, नकदी तथा हथियारों की बरामदगी को गुमला पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खासकर पालकोट और घाघरा में सोना व्यापारी से हुई दो बड़ी लूट की घटनाओं का उद्भेदन पुलिस की इस कार्रवाई की अहम कड़ी है।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ यह पता लगाया जा रहा कि गिरोह के तार झारखण्ड के अलावा किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं और इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

गुमला पुलिस की इस कार्रवाई से जहां अंतरराज्यीय कोरई गैंग पर बड़ा प्रहार हुआ है, वहीं अब पुलिस के सामने अगली चुनौती फरार सदस्यों को गिरफ्तार करने और गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की है। पुलिस की छापेमारी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना है।गुमला पुलिस की इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय अपराधियों के बीच खलबली मचा दी है।

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