सात फेरे, सात दिन और फिर खेला खत्म,फंदे से झूल गई नई नवेली दुल्हन,परिजनों में मचा हड़कम्प..
गढ़वा। झारखण्ड के गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शादी के महज सात दिन बाद ही एक नवविवाहिता का शव घर में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है, वहीं शादी वाले घर में खुशियों की जगह मातम पसरा हुआ है। मृतका की पहचान पुरेगाड़ा गांव निवासी रविंद्र भुइयां की पत्नी चंपा कुमारी (20 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, पुरेगाड़ा निवासी द्वारिका भुइयां के बेटे रविंद्र भुइयां की शादी 7 मई को मझिगांवा निवासी श्यामलाल राम की बेटी चंपा कुमारी के साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार बड़े धूमधाम से हुई थी। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए थे।शादी के अगले दिन यानी 8 मई को चंपा अपने ससुराल पहुंची थी।घर में नई बहू के आगमन से खुशियों का माहौल था और शादी की रस्में भी चल रही थीं।लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि सात दिन के भीतर ही यह खुशियां गहरे दुख में बदल जाएंगी।
शुक्रवार की दोपहर परिवार के लोगों ने चंपा का शव घर में फंदे से लटकता देखा।घटना की जानकारी मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए. देखते ही देखते पूरे गांव में घटना की खबर फैल गई। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना रंका थाना पुलिस को दी. सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवविवाहिता ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घटना के पीछे पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या अन्य किसी कारण की भी जांच की जा रही है।थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने बताया कि मृतका के पिता फिलहाल कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।जिस घर में कुछ दिन पहले तक मंगल गीत गूंज रहे थे, वहां अब मातम और चीख-पुकार का माहौल है। शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल जाने से परिवार के लोग सदमे में हैं।

