ED में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, राँची जोनल ऑफिस में भी बदलाव; 50 से अधिक अधिकारियों का तबादला

राँची।प्रवर्तन निदेशालय ने संगठन की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से देशभर में बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है। केंद्र सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के तहत डिप्टी डायरेक्टर, असिस्टेंट डायरेक्टर, एन्फोर्समेंट ऑफिसर और असिस्टेंट स्तर के 50 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण और नई पदस्थापना की गई है।
राँची जोनल ऑफिस को मिला नया असिस्टेंट
इस प्रशासनिक फेरबदल का असर राँची जोनल ऑफिस पर भी पड़ा है। जारी आदेश के अनुसार, मुख्यालय के एडमिनिस्ट्रेशन एंड अकाउंट्स विभाग में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत तुषार मलिक का तबादला राँची जोनल ऑफिस कर दिया गया है। वे जल्द ही राँची में अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसे राँची कार्यालय की प्रशासनिक मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
देशभर के जोनल कार्यालयों में व्यापक बदलाव
ED ने हैदराबाद, शिमला, भोपाल, कोलकाता, मुंबई, गुवाहाटी, लखनऊ, जयपुर, भुवनेश्वर, देहरादून, रायपुर और श्रीनगर समेत कई जोनल एवं सब-जोनल कार्यालयों में अधिकारियों की नई तैनाती की है।
डिप्टी डायरेक्टर स्तर पर तबादले
सुमित शर्मा – हैदराबाद जोनल ऑफिस से शिमला सब-जोनल ऑफिस।
स्वाति नोखवाल – भोपाल जोनल ऑफिस से हैदराबाद जोनल ऑफिस।
प्रणव दुबे – मुख्यालय से भोपाल जोनल ऑफिस।
दानिश अगस्तम – दीमापुर सब-जोनल ऑफिस से मुख्यालय।
दिपेश मंडल – गुवाहाटी जोनल ऑफिस से जयपुर जोनल ऑफिस।
असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर पर बदलाव
नीरज तायल – भुवनेश्वर जोनल ऑफिस से देहरादून सब-जोनल ऑफिस।
देबदत्त सारंगी – रायपुर जोनल ऑफिस से भुवनेश्वर जोनल ऑफिस।
प्रताप सिंह – लखनऊ जोनल ऑफिस से मुख्यालय।
दुर्गेश सिंह – बेंगलुरु जोनल ऑफिस से लखनऊ जोनल ऑफिस।
एन्फोर्समेंट ऑफिसर व अन्य पदों पर तबादले
तुषार विपुल – इलाहाबाद सब-जोनल ऑफिस से दिल्ली जोनल ऑफिस-II।
अमित कुमार – भोपाल जोनल ऑफिस से रायपुर जोनल ऑफिस।
आशुतोष वर्मा – इंदौर सब-जोनल ऑफिस से रायपुर जोनल ऑफिस।
मनिराम तिवारी – दिल्ली जोनल ऑफिस-II से श्रीनगर जोनल ऑफिस।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की कवायद
ED का यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल संगठन की कार्यक्षमता, जवाबदेही और विभिन्न जोनल कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों की नई तैनाती से लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आने और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

